ज्योतिष डेस्क | भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi 2026) मनाई जाती है. धार्मिक मान्यताओं में इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है. इसी दिन गणेशोत्सव का समापन होता है और बप्पा की विदाई की जाती है. इसके साथ ही, भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा और व्रत का भी विधान है. मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने अपना खोया हुआ राजपाट वापस पाने के लिए महर्षि वेदव्यास के निर्देश पर यह व्रत रखा था. इस व्रत में पूजा के साथ खान-पान से जुड़े नियमों का पालन भी महत्वपूर्ण माना जाता है.
अनंत चतुर्दशी व्रत में चावल नहीं खाने की मान्यता है. पूजा के दौरान भगवान विष्णु को अक्षत के रूप में चावल अर्पित किए जा सकते हैं, लेकिन व्रती इसे फलाहार में शामिल नहीं करते हैं.
इनसे करें परहेज
इसी तरह सामान्य सफेद नमक से भी परहेज करने की मान्यता है. जरूरत होने पर शाम की पूजा के बाद थोड़ी मात्रा में सेंधा नमक लिया जा सकता है. धार्मिक परंपराओं में कच्चा दूध और दही भी व्रती के लिए वर्जित बताए गए हैं. कच्चे दूध का इस्तेमाल भगवान विष्णु के अभिषेक और दही का प्रयोग पंचामृत में किया जा सकता है. बाजार में मिलने वाली सफेद मिठाइयों, जैसे पेड़ा और रसगुल्ला को भी व्रत के भोजन में शामिल न करने की सलाह दी गई है.
खाएं ये फल
व्रत रखने वाले लोग फलाहार में ताजे फल, मखाने और सूखे मेवे शामिल कर सकते हैं. इसके अलावा सिंघाड़े के आटे से बनी चीजों का सेवन भी किया जा सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत में सात्विक भोजन और खान-पान में संयम रखने को महत्व दिया गया है.
पूजा के लिए शुभ समय
भगवान विष्णु की पूजा के लिए सुबह 06:11 बजे से रात 11:06 बजे तक का समय शुभ बताया गया है. इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:35 से 05:23 बजे तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:37 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 02:13 से 03:01 बजे तक बताया गया है. वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 06:14 से 06:38 बजे तक रहेगा. श्रद्धालु अपनी सुविधा और धार्मिक परंपराओं के अनुसार इन समयों में भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Haryana E Khabar किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.
