चंडीगढ़ | मानसून की विदाई के बाद हरियाणा में मौसम लगातार करवट ले रहा है. प्रदेश में पश्चिमी शुष्क हवाओं की जगह अब दक्षिण-पूर्वी दिशा से नमी वाली हवाएं पहुंच रही हैं. इसका असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है. दिन और रात के तापमान में गिरावट के साथ बीच-बीच में बादल छाने से उमस भरी गर्मी से राहत मिल रही है. अब सितंबर के आखिरी दिनों में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे हरियाणा के कई हिस्सों में बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है.
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, 28 सितंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके प्रभाव से 28 से 30 सितंबर के दौरान हरियाणा के उत्तरी और पूर्वी जिलों में हल्की बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
हरियाणा मौसम अपडेट
इस दौरान हरियाणा के बाकी हिस्सों के साथ एनसीआर-दिल्ली में भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है. कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी होने की संभावना है. मौसम में इस बदलाव के दौरान पूरे क्षेत्र में दिन और रात के तापमान में गिरावट आने का अनुमान है. हरियाणा के मौसम में मौजूदा बदलाव के पीछे कई मौसम प्रणालियों का असर बताया जा रहा है. राजस्थान में बना प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन कमजोर पड़ा है. वहीं, बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली के प्रभाव से पश्चिमी शुष्क हवाओं की जगह दक्षिण-पूर्वी नमी वाली हवाएं चल रही हैं.
मानसून की वापसी रेखा
उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना गहरा अवदाब भी धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है. इसके अलावा मध्य क्षोभ मंडलीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ के रूप में टर्फ सक्रिय है. इन परिस्थितियों के कारण प्रदेश में फिलहाल मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है. डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर और डीसा समेत अन्य क्षेत्रों से होकर गुजर रही है.
25 सितंबर की रात एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई गई थी. इसके प्रभाव से 25 और 26 सितंबर को बादलों की आवाजाही और उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है. इसके बाद 28 सितंबर से अगले पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है.
