ज्योतिष डेस्क | पितृ पक्ष की शुरुआत इस बार 26 सितंबर से हो रही है. धार्मिक परंपराओं में यह अवधि पूर्वजों के श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए विशेष मानी जाती है. मान्यता है कि विधि-विधान से ये कर्म करने पर पितर तृप्त होते हैं. वहीं, स्वप्न शास्त्र में पितृ पक्ष के दौरान सपने में पूर्वजों के दिखाई देने के भी अलग-अलग अर्थ बताए गए हैं. पूर्वज सपने में खुश दिखाई देते हैं, दुखी होते हैं या भोजन मांगते हैं… इन स्थितियों को अलग-अलग संकेतों से जोड़कर देखा जाता है.
स्वप्न शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में सपने में पूर्वजों को प्रसन्न, मुस्कुराते या आशीर्वाद देते हुए देखना शुभ माना जाता है. इसे पितरों की प्रसन्नता और परिवार में सुख-शांति तथा समृद्धि आने के संकेत से जोड़कर देखा जाता है.
मुस्कुराते या दुखी पूर्वज
इसके विपरीत, सपने में पूर्वज दुखी या रोते हुए दिखाई दें तो इसे उनकी किसी अधूरी इच्छा या असंतुष्टि का संकेत माना जाता है. ऐसी स्थिति में अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त भोजन निकालने की धार्मिक परंपरा बताई गई है. अगर सपने में पूर्वज भोजन या पानी मांगते दिखाई देते हैं, तो स्वप्न शास्त्र में इसे श्राद्ध और तर्पण की अपेक्षा से जोड़कर देखा जाता है. ऐसी स्थिति में पितरों का तर्पण करने और ब्राह्मणों को भोजन कराने की परंपरा बताई गई है.
वहीं, पितृ पक्ष में सपने के दौरान खुद को पूर्वजों से बातचीत करते हुए देखने की भी अलग मान्यता है. स्वप्न शास्त्र में ऐसे सपने को भविष्य की किसी घटना या परेशानी के संकेत के रूप में देखा जाता है. ऐसी मान्यता के अनुसार व्यक्ति को अपने जीवन में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.
करें ये काम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में पूर्वज सपने में दिखाई दें तो उनके निमित्त विधिपूर्वक तर्पण और पिंडदान किया जा सकता है. इसके अलावा गाय, कुत्ते, कौवे और चींटियों के लिए भोजन निकालने की भी परंपरा है. हालांकि, सपनों से जुड़े ये अर्थ स्वप्न शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें भविष्य में किसी घटना के निश्चित होने का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए.
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