फरीदाबाद | हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अटाली गांव की रहने वाली पार्वती ने स्वरोजगार के जरिए अपनी आमदनी का नया रास्ता तैयार किया है. हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (HSRLM) और स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ने के बाद उन्होंने हर्बल साबुन, अगरबत्ती और मोमबत्ती बनाने का काम शुरू किया. आज वह इस कारोबार से हर महीने 20 हजार रुपये तक कमाने का दावा करती हैं.
पार्वती अपने कारोबार के साथ-साथ दूसरी महिलाओं को भी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं, ताकि वे अपनी आजीविका के लिए काम शुरू कर सकें. यह उनके लिए बहुत ही गर्व की बात है कि आजकल की महिलाएं किसी से भी कम नहीं हैं.
ऐसे शुरू किया काम
पार्वती के अनुसार, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूह से जुड़ना उनके लिए महत्वपूर्ण बदलाव साबित हुआ. सरकारी सहायता और ऋण की मदद से उन्हें अपना काम शुरू करने का अवसर मिला. उन्होंने हर्बल साबुन, अगरबत्ती और मोमबत्ती जैसे उत्पाद बनाने का काम अपनाया. इसी स्वरोजगार के जरिए वह लखपति दीदी बनी हैं.
‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहीं पार्वती!
फरीदाबाद के अटाली गांव की रहने वाली पार्वती ने बताया कि कैसे हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (HSRLM) और स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़कर उनकी ज़िंदगी बदल गई।
सरकारी सहायता और लोन के जरिए वह आज लखपति दीदी बन… pic.twitter.com/ujnRFea10b
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 26, 2026
हर महीने 20 हजार रुपये तक की कमाई
पार्वती बताती हैं कि उत्पाद तैयार करने के काम से उन्हें अब महीने में 20 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है. इससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है. उनकी कहानी दिखाती है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं अपने हुनर को आय के साधन में बदल सकती हैं. हालांकि, उनके कारोबार में लगे कुल निवेश और शुद्ध मुनाफे की अलग से जानकारी शेयर नहीं की गई है.
