नई दिल्ली | LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर से कई बातों पर ध्यान देना जरूरी होगा. इनमें आधार से जुड़ी सत्यापन प्रक्रिया, सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और कीमत जैसे मामले शामिल हैं. हालांकि, सोशल मीडिया और इंटरनेट पर एलपीजी से जुड़े कई दावे भी किए जा रहे हैं, इसलिए किसी भी नए नियम को लागू मानने से पहले अपनी तेल कंपनी या आधिकारिक सरकारी सूचना से पुष्टि करना जरूरी है.
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित e-KYC और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पहले से चलाई जा रही है. जिन उपभोक्ताओं की यह प्रक्रिया अधूरी है, उन्हें अपनी संबंधित गैस एजेंसी या तेल कंपनी के आधिकारिक माध्यम से इसकी स्थिति जांच लेनी चाहिए.
e-KYC पर दें ध्यान
ग्राहकों को किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, आधार नंबर या बैंक से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना चाहिए. सत्यापन के लिए केवल अधिकृत माध्यम का इस्तेमाल करना बेहतर है. तेल विपणन कंपनियां आमतौर पर महीने की शुरुआत में एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं. ऐसे में 1 अक्टूबर को घरेलू या कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होता है या नहीं, यह नई दरें जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा इसलिए कीमत बढ़ने या घटने को लेकर पहले से किए जा रहे दावों को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए. ग्राहकों को अपने शहर की ताजा कीमत संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से जांचनी चाहिए.
OTP से जुड़े नियमों की पुष्टि
एलपीजी की सुरक्षित डिलीवरी के लिए कई जगह सत्यापन से जुड़ी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाता है. ग्राहक का मोबाइल नंबर गैस कनेक्शन के साथ अपडेट होना जरूरी हो सकता है, क्योंकि बुकिंग और डिलीवरी से संबंधित जानकारी उसी नंबर पर मिलती है. वहीं, रिफिल बुकिंग के लिए पूरे देश में अनिवार्य रूप से 25 दिन का अंतर लागू होने और PNG उपलब्ध होने के 90 दिन बाद LPG कनेक्शन बंद कर दिए जाने जैसे दावों को आधिकारिक पुष्टि के बिना नया देशव्यापी नियम नहीं मानना चाहिए.
अगर आपके पास LPG कनेक्शन है तो 1 अक्टूबर से पहले अपनी e-KYC स्थिति, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और बुकिंग संबंधी जानकारी संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक माध्यम से जांच लेना बेहतर रहेगा.
