नई दिल्ली | आधार कार्ड आज के समय में लगभग हर जरूरी काम में इस्तेमाल होता है. बैंक से जुड़ा काम हो या फिर किसी सरकारी योजना का फायदा लेना हो, आधार में नाम और दूसरी जानकारी सही होना काफी जरूरी है. कई बार छोटी सी गलती के कारण आधार में नाम गलत दर्ज हो जाता है. वहीं, शादी या दूसरी वजह से भी लोगों को नाम या सरनेम बदलवाना पड़ता है. अब ऐसे लोगों के लिए UIDAI ने नाम अपडेट करने की प्रक्रिया को और साफ कर दिया है.
बता दें कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार में नाम अपडेट करने के लिए नई Standard Operating Procedure (SOP) जारी की है. इसमें अलग-अलग तरह के नाम सुधार के हिसाब से दस्तावेज और शपथपत्र तय किए गए हैं.
सरनेम के लिए अलग नियम
अगर आधार बनवाते समय डाटा एंट्री की वजह से नाम गलत चढ़ गया है, लेकिन पहले दिए गए पहचान या संबंध वाले दस्तावेज में नाम सही है, तो वयस्क को अनुबंध-B और नाबालिग को अनुबंध-C का शपथपत्र देना होगा. इसके साथ तय पहचान या संबंध वाला दस्तावेज भी देना होगा. वहीं, शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलवाने की स्थिति में अनुबंध-D के शपथपत्र का प्रावधान किया गया है. इसके साथ निर्धारित पहचान दस्तावेज देना होगा.
‘उर्फ’ हटाने के लिए भी अलग प्रक्रिया
अगर आधार में किसी व्यक्ति के नाम के साथ ‘उर्फ’ जुड़ा है और वह दो नामों में से केवल एक नाम रखना चाहता है, तो इसके लिए भी अलग व्यवस्था है. वयस्क के लिए अनुबंध-E और नाबालिग के लिए अनुबंध-F का शपथपत्र तय किया गया है. वहीं, आधार में नाम के साथ डॉ., कर्नल, श्री, श्रीमती या मिस्टर जैसी रैंक, पद या उपाधि दर्ज है और उसे हटवाना है, तो निर्धारित पहचान दस्तावेज के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
गजट की जरूरत
अगर मामला छोटी-मोटी गलती सुधारने का नहीं, बल्कि पहले या पूरे नाम में बड़े बदलाव का है, तो गजट नोटिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है. UIDAI की मौजूदा जानकारी के अनुसार, ऐसे मामलों में गजट अधिसूचना के साथ पुराने नाम वाला पहचान दस्तावेज देना होता है. खास बात यह है कि आधार में नाम अपडेट करवाने वाले व्यक्ति को अब अपने मामले के हिसाब से सही दस्तावेज और संबंधित अनुबंध लगाना होगा. मौजूदा व्यवस्था में नाम अपडेट कराने के लिए आधार केंद्र जाना होता है और सामान्य तौर पर नाम में दो बार बदलाव की अनुमति है. इसके बाद बदलाव के लिए निर्धारित अपवाद प्रक्रिया लागू होती है.
