गुरुग्राम | हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में रोज ऑफिस आने-जाने वालों को ट्रैफिक जाम से कितना जूझना पड़ता है, यह किसी से छिपा नहीं है. खासकर पुराने गुरुग्राम से साइबर सिटी और उद्योग विहार की तरफ जाने वाले लोगों को पीक टाइम में काफी समय सड़क पर बिताना पड़ता है. अब इसी सफर को आसान बनाने के लिए गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे चरण का काम आगे बढ़ने वाला है.

हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट के Phase-2 में सिविल कंस्ट्रक्शन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. करीब 1,662 करोड़ रुपये के पैकेज की टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है. यह हिस्सा सेक्टर-9 से साइबर सिटी के बीच करीब 14.5 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 14 मेट्रो स्टेशन बनाने की योजना है.
इन्हें मिलेगा फायदा
इस नए मेट्रो रूट से पुराने गुरुग्राम के कई रिहायशी इलाकों को सीधे बड़े रोजगार केंद्रों से जोड़ने की तैयारी है. प्रस्तावित रूट सेक्टर-7, 4, 5 और 3 के साथ अशोक विहार, बाजघेरा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23A और सेक्टर-22 जैसे इलाकों से होकर साइबर सिटी तक पहुंचेगा. ओल्ड दिल्ली रोड और बाजघेरा रोड पर मेट्रो लाइन निकालने के लिए दो विशेष स्ट्रक्चर भी बनाए जाने हैं. इनमें एक करीब 1.2 किलोमीटर और दूसरा लगभग 800 मीटर लंबा होगा. इन्हें इस तरह तैयार किया जाएगा कि ऊपर से मेट्रो गुजर सके और नीचे सड़क पर ट्रैफिक की आवाजाही बनी रहे.
Phase-1 पर पहले से चल रहा काम
वहीं, गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण पर काम पहले ही शुरू हो चुका है. इसमें मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक करीब 15.3 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है. इस सेक्शन को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यहां एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक के लिए U-Girder लगाने के साथ पाइलिंग और वायडक्ट से जुड़े काम किए जा रहे हैं. दूसरा चरण पूरा होने के बाद पुराने गुरुग्राम से उद्योग विहार और साइबर सिटी की तरफ मेट्रो कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ जाएगा.
दिल्ली मेट्रो से कनेक्टिविटी
अब अगर पूरे रूट की कनेक्टिविटी देखें तो मिलेनियम सिटी सेंटर पर नया कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन से जुड़ेगा. दूसरी तरफ साइबर सिटी में इसे मौजूदा रैपिड मेट्रो से जोड़ने की योजना है. यहां से यात्री सिकंदरपुर पहुंचकर येलो लाइन की तरफ जा सकेंगे. इसके अलावा, पालम विहार को द्वारका सेक्टर-21 से जोड़ने के लिए अलग 8.4 किलोमीटर मेट्रो लिंक की योजना भी है. इसके बनने से ब्लू लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन तक पहुंचने का एक और विकल्प मिल सकेगा.
2029 तक पूरा करने का लक्ष्य
मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मुख्य गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर करीब 28.5 किलोमीटर लंबा है. केंद्र सरकार ने जून 2023 में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी. बाद में सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक करीब 1.8 किलोमीटर का अतिरिक्त स्पर भी योजना में शामिल किया गया. फिलहाल, पूरे कॉरिडोर को 2029 तक तैयार करने का लक्ष्य है. Phase-2 की टेंडर प्रक्रिया में पहले ही देरी हो चुकी है.