नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली और नोएडा के बीच रोजाना हजारों लोग नौकरी, कारोबार और दूसरे जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं लेकिन सुबह ऑफिस जाने और शाम को वापस लौटने के समय सड़कों पर इतनी भीड़ हो जाती है कि थोड़ी सी दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है. खासकर मयूर विहार और चिल्ला बॉर्डर के आसपास वाहन चालकों को अक्सर जाम का सामना करना पड़ता है. अब इस परेशानी को कम करने के लिए एक बड़ा सड़क प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है. इससे लाखों लोगों को फायदा मिल सकता है.

दिल्ली-नोएडा के बीच 6 लेन का चिल्ला एलिवेटेड रोड बनाया जा रहा है. इस परियोजना का 50 प्रतिशत से ज्यादा निर्माण कार्य पूरा होने की जानकारी सामने आई है. इसे वर्ष 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.
5.5 KM लंबा होगा नया रास्ता
सड़क चालू होने के बाद मयूर विहार से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक पहुंचने में करीब 5 से 7 मिनट लगने का अनुमान है. चिल्ला एलिवेटेड रोड की कुल लंबाई करीब 5.5 किलोमीटर होगी. यह दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर चिल्ला रेगुलेटर के पास से शुरू होकर फिल्म सिटी के पीछे से गुजरते हुए महामाया फ्लाईओवर तक पहुंचेगा. इस पूरे रास्ते को सिग्नल फ्री बनाने की योजना है. फिलहाल व्यस्त समय में इस हिस्से को पार करने में कई बार 30 से 45 मिनट तक लग जाते हैं. नया कॉरिडोर शुरू होने के बाद वाहन चालकों को ट्रैफिक सिग्नल और चौराहों पर रुकने की परेशानी से काफी हद तक राहत मिल सकती है.
कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा कॉरिडोर
इस एलिवेटेड रोड का फायदा सिर्फ मयूर विहार और नोएडा के बीच आने-जाने वालों को नहीं मिलेगा. इसके जरिए NCR के दूसरे प्रमुख रास्तों तक पहुंचना भी आसान हो सकेगा. कॉरिडोर की कनेक्टिविटी DND फ्लाईवे से होने पर दिल्ली के आश्रम और AIIMS की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा. वहीं, महामाया फ्लाईओवर के पास से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने की सुविधा होगी. इससे नोएडा के सेक्टर 96, 127, 129 और 146 के साथ ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क और परी चौक की तरफ जाने वाले लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
आगरा और मुंबई एक्सप्रेसवे
इसी बीच चिल्ला एलिवेटेड रोड को यमुना एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते वाहन चालक आगे यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे. इससे मथुरा और आगरा की तरफ जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी. वहीं, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए कालिंदी कुंज और फरीदाबाद वाला रास्ता एक ऑप्शन होगा.