नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली और हरियाणा के बीच रोजाना हजारों लोग नौकरी, पढ़ाई और कारोबार के सिलसिले में सफर करते हैं। खासकर गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत और रेवाड़ी जैसे शहरों से आने-जाने वालों को सड़क पर जाम और लंबे सफर की परेशानी उठानी पड़ती है। लेकिन आने वाले वर्षों में नमो भारत ट्रेन इन यात्रियों के लिए बेहतर ऑप्शन बन सकती है। बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में नमो भारत के दो नए कॉरिडोर तैयार करने की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है।

इनमें दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर रूट शामिल हैं। दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 65 हजार करोड़ रुपये है। इन्हें पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से मंजूरी मिलने की जानकारी है, जबकि केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।
इन शहरों को मिलेगा फायदा
दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल कॉरिडोर की प्रस्तावित लंबाई 136 किलोमीटर है। करीब 33 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना में 12 स्टेशन बनाने की योजना है। वहीं, दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर कॉरिडोर 164 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। इसकी अनुमानित लागत 32 हजार करोड़ रुपये है। इस रूट से गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा, बावल, नीमराना और अलवर जैसे शहर जुड़ेंगे। इसमें 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जबकि दिल्ली से बावल तक 93 किलोमीटर के हिस्से को प्राथमिकता दी गई है।
सराय काले खां बनेगा बड़ा ट्रांजिट हब
दिल्ली का सराय काले खां स्टेशन तीनों नमो भारत कॉरिडोर को जोड़ने वाला प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के साथ पानीपत और अलवर के प्रस्तावित रूट जुड़ेंगे। इससे यात्रियों को अलग-अलग दिशाओं में सफर करने की सुविधा मिलेगी। नमो भारत ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसी बीच NCRTC ने दोनों प्रस्तावित कॉरिडोर के डिजाइन संबंधी कंसल्टेंसी टेंडर जारी किए हैं।