नई दिल्ली | घर खरीदने या दूसरी जरूरतों के लिए बैंक से लोन लेने वाले लोग हर महीने अपनी कमाई का एक हिस्सा किस्त चुकाने में खर्च करते हैं। ऐसे में ब्याज दरों में मामूली बढ़ोतरी भी उनके मासिक बजट पर असर डाल सकती है। अब भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों के लिए ब्याज दरों से जुड़ा नया अपडेट सामने आया है। बता दें कि देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने अपनी कुछ लोन ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है।

बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट (EBLR), रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) और अलग-अलग अवधि वाली MCLR दरों में बदलाव किया है। नई दरें 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हैं।
EBLR और RLLR में बढ़ोतरी
SBI ने EBLR को 7.90 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, RLLR को 7.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.75 प्रतिशत किया गया है। दोनों दरों में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। इस बदलाव का असर संबंधित ब्याज दरों से जुड़े फ्लोटिंग रेट लोन पर पड़ सकता है।
MCLR की नई ब्याज दरें
| अवधि | पुरानी दर | नई दर |
|---|---|---|
| ओवरनाइट | 7.85% | 7.85% |
| एक महीना | 7.85% | 7.85% |
| तीन महीने | 8.25% | 8.40% |
| छह महीने | 8.60% | 8.75% |
| एक साल | 8.70% | 8.85% |
| दो साल | 8.75% | 8.90% |
| तीन साल | 8.80% | 8.95% |
ग्राहकों पर होगा असर
इसी बीच जिन ग्राहकों के लोन इन दरों से जुड़े हैं, उन्हें ब्याज बढ़ने के बाद अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि, हर ग्राहक की EMI तुरंत नहीं बढ़ेगी। कुछ मामलों में मासिक किस्त बढ़ सकती है, जबकि कुछ में लोन चुकाने की अवधि लंबी हो सकती है।