चंडीगढ़ | राजधानी चंडीगढ़ में मोबाइल नेटवर्क और ब्रॉडबैंड सेवाओं के बाद रिलायंस Jio अब टेक्नोलॉजी के दूसरे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है. कंपनी का फोकस स्वदेशी तकनीक विकसित करने के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड, एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म और अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी पर है. भारत में विकसित तकनीक को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना भी इसकी योजना का हिस्सा है.
चंडीगढ़ में कंपनी की ओर से शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, जियो अब अपनी तकनीक को केवल अपने नेटवर्क तक सीमित रखने के बजाय दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटरों और एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है.
6817 पेटेंट दाखिल
31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स और उसकी सहायक कंपनियों ने कुल 6817 पेटेंट दाखिल किए हैं. इनमें से 1009 पेटेंट को वैश्विक मंजूरी मिल चुकी है. ये पेटेंट 4G, 5G, 6G, AI और क्लाउड जैसी तकनीकों से संबंधित हैं. कंपनी की इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी टीम में 11303 कर्मचारी कार्यरत हैं. जियो के अनुसार, उसने अपना 5G कोर, OSS/BSS और रेडियो ऑपरेशन सॉफ्टवेयर विकसित करके एंड-टू-एंड 5G टेक्नोलॉजी स्टैक तैयार किया है.
26.8 करोड़ से अधिक हुए 5G यूजर्स
कंपनी के मुताबिक, मार्च 2026 तक उसके 5G यूजर्स की संख्या 26.8 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी थी. वहीं, कुल ग्राहक आधार 52.4 करोड़ से ज्यादा दर्ज किया गया.
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जियो के नेटवर्क ने 241 एक्साबाइट डेटा ट्रैफिक संभाला. कंपनी ने ये आंकड़े अपने नेटवर्क के विस्तार और तकनीकी क्षमता से जुड़ी जानकारी के तौर पर शेयर किए हैं.
जियो की अगली योजनाओं में मोबाइल कनेक्टिविटी और होम ब्रॉडबैंड के साथ ऑटोनॉमस कनेक्टिविटी तकनीक भी शामिल है. कंपनी इन्हें दूसरे ऑपरेटरों और एंटरप्राइजेज के लिए पेश करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसके अलावा AI, प्राइवेट 5G, एज कंप्यूटिंग, क्लाउड और 6G को कंपनी अपने अगले विकास क्षेत्रों के रूप में देख रही है.
