गुरुग्राम | साइबर सिटी गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। खासकर पुराने गुरुग्राम की कई सड़कों पर सुबह और शाम वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि एक से दो किलोमीटर का सफर तय करने में ही आधे घंटे से ज्यादा समय लग जाता है। अब शहर की ऐसी व्यस्त सड़कों पर यातायात को बेहतर बनाने के लिए एलिवेटेड रोड बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने शहर की प्रमुख सड़कों पर एलिवेटेड मार्ग बनाने की योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराई जाएगी।
रखा गया लक्ष्य
कंसल्टेंट कंपनी के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसी अक्टूबर महीने में कंपनी का चयन करने का लक्ष्य रखा गया है। शहर में ओल्ड रेलवे रोड, शीतला माता रोड और ओल्ड दिल्ली रोड जैसे मार्गों पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए एलिवेटेड रोड की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। इन सड़कों से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। सुबह कार्यालय जाने और शाम को घर लौटने के समय कई प्रमुख चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
मुख्य सड़कों पर लगने वाले जाम का असर आसपास की छोटी सड़कों पर भी पड़ता है। इससे स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में परेशानी होती है। ऐसे में एलिवेटेड मार्गों के माध्यम से व्यस्त चौराहों और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
DPR तैयार करने का काम
इसी बीच जीएमडीए ने परियोजना की डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अक्टूबर में कंसल्टेंट कंपनी का चयन होने के बाद नवंबर से तकनीकी अध्ययन शुरू करने की तैयारी है। इस दौरान संबंधित सड़कों की मौजूदा चौड़ाई, वाहनों की संख्या, ट्रैफिक की स्थिति और एलिवेटेड रोड बनाने के लिए उपलब्ध जगह का आकलन किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि एलिवेटेड रोड पर वाहन कहां से चढ़ेंगे और कहां उतरेंगे। आसपास की सड़कों से इन मार्गों को किस तरह जोड़ा जा सकता है, इस पर भी अध्ययन होगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन सड़कों पर एलिवेटेड रोड बनाना तकनीकी रूप से संभव है।
कमी बड़ी चुनौती
वहीं, पुराने गुरुग्राम में एलिवेटेड रोड का निर्माण करना आसान नहीं होगा। यहां कई सड़कें घनी आबादी और बाजारों के बीच से गुजरती हैं। ओल्ड रेलवे रोड सहित कुछ मार्गों पर सड़क की चौड़ाई सीमित है। ऐसे में निर्माण के दौरान जगह की उपलब्धता और मौजूदा यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखना जरूरी होगा। इसी वजह से जीएमडीए पहले तकनीकी रिपोर्ट तैयार कराएगा। इसमें निर्माण की संभावनाओं के साथ संभावित परेशानियों और उनके समाधान पर भी विचार किया जाएगा।
डीपीआर तैयार करने के लिए अक्टूबर के भीतर कंसल्टेंट कंपनी का चयन करने का लक्ष्य है। कंपनी का चयन होने के बाद रिपोर्ट पर काम शुरू कराया जाएगा। विभाग की कोशिश नवंबर से डीपीआर का काम शुरू करने की है- प्रवीण चौधरी, मुख्य अभियंता, GMDA