ज्योतिष डेस्क | पितृ पक्ष 2026 शुरू होने से पहले घर की साफ- सफाई करते समय कुछ ऐसी चीजों पर भी ध्यान दिया जाता है, जिन्हें वास्तु शास्त्र में शुभ नहीं माना गया है. मान्यता है कि खराब, टूटी या लंबे समय से बेकार पड़ी वस्तुएं घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करती हैं. इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से हो रही है. ऐसे में उससे पहले खंडित मूर्तियां, बंद घड़ी, चटके बर्तन और फटे- पुराने जूते- चप्पल घर से हटाने की सलाह दी जाती है.
पितृ पक्ष की 16 दिनों की अवधि पूर्वजों को समर्पित मानी जाती है. इस दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म किए जाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.
मंदिर में न रखें खंडित मूर्तियां
वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर के मंदिर में देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए. इन्हें नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है. ऐसी मूर्तियों को धार्मिक परंपराओं के अनुसार उचित स्थान पर विसर्जित करने के बाद मंदिर में नई मूर्ति स्थापित की जा सकती है. इसी तरह लंबे समय से बंद या खराब पड़ी घड़ी को भी ठीक करा लेना चाहिए. वास्तु में रुकी हुई घड़ी को प्रगति में रुकावट से जोड़कर देखा गया है.
चटके बर्तन और पुराने जूते भी हटाएं
रसोई में रखे टूटे या चटके बर्तन भी वास्तु शास्त्र में शुभ नहीं माने जाते हैं. मान्यता है कि इनका इस्तेमाल या इन्हें लंबे समय तक घर में रखना आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. फटे- पुराने और इस्तेमाल के लायक नहीं रहे जूते-चप्पलों को भी पितृ पक्ष से पहले हटाया जा सकता है. धार्मिक मान्यताओं में इन्हें शनि के अशुभ प्रभाव से जोड़ा गया है.
पितृ पक्ष में मुख्य महत्व पूर्वजों के निमित्त श्रद्धा से किए जाने वाले श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का है. वहीं, इन वास्तु उपायों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के रूप में देखा जाता है.
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