नई दिल्ली | देश की राजधानी दिल्ली के गांवों में रहने वाले बहुत से लोगों को रोजगार और कारोबार के लिए दूसरे इलाकों का रुख करना पड़ता है। कई युवाओं को काम की तलाश में घर से दूर जाना पड़ता है, जबकि कुछ लोग अपने आसपास ही रोजगार के बेहतर अवसर चाहते हैं। ऐसे में अगर गांवों के नजदीक नए उद्योग शुरू होते हैं, तो स्थानीय लोगों को भी इसका फायदा मिल सकता है। अब दिल्ली सरकार ने कुछ गांवों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाने की दिशा में तैयारी शुरू की है। बता दें कि दिल्ली सरकार ने राजधानी के 9 गांवों में ग्राम सभा की जमीन का सर्वे कराने की योजना बनाई है।

इसके लिए दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) ने टेंडर जारी किया है। सर्वे में करीब 13.26 एकड़ जमीन को शामिल किया जाएगा। आगे चलकर इन भूखंडों पर फैक्ट्री परिसर और वेयरहाउस विकसित करने का प्रस्ताव है।
9 गांवों में होगा जमीन का सर्वे
सरकार की योजना में दक्षिण-पश्चिम दिल्ली और बाहरी उत्तरी जिले के गांवों को शामिल किया गया है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के 6 गांवों में बदूसराय, गालिबपुर, झटिकरा, राघोपुर, रावता और धांसा शामिल हैं। वहीं, बाहरी उत्तरी जिले के 3 गांवों में औचंदी, निजामपुर रसूलपुर और ताजपुर कलां की जमीन का सर्वे किया जाएगा। इन गांवों में उपलब्ध ग्राम सभा की जमीन की वास्तविक स्थिति और सीमाओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
| जिला | गांवों की संख्या | सर्वे के लिए जमीन |
|---|---|---|
| दक्षिण-पश्चिम दिल्ली | 6 | 9.24 एकड़ |
| बाहरी उत्तरी दिल्ली | 3 | 4.02 एकड़ |
| कुल | 9 | 13.26 एकड़ |
ये बनाने की तैयारी
इसी बीच सर्वे के बाद जमीन के इस्तेमाल को लेकर भी योजना सामने आई है। प्रस्ताव के अनुसार, इन भूखंडों पर वेयरहाउस और फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर विकसित किए जा सकते हैं। वेयरहाउस का इस्तेमाल सामान रखने और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाता है। वहीं, फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर में एक ही इमारत की अलग-अलग मंजिलों पर कई छोटी औद्योगिक इकाइयों को जगह दी जा सकती है। फिलहाल, जमीन का सर्वे कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। फैक्ट्रियों और गोदामों का निर्माण अभी प्रस्तावित चरण में है।