नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में अगले महीने 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने जा रही हैं. इसके साथ ही, आने वाले 2 सालों में हजारों बसों के लिए चार्जिंग की व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी है. सरकार नए बस डिपो बनाने के साथ मौजूदा डिपो में भी चार्जिंग क्षमता बढ़ा रही है. दरअसल, परिवहन मंत्री डा. पंकज सिंह ने सोमवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में बस डिपो, इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग व्यवस्था और नए डिपो के निर्माण पर चर्चा हुई.
प्रधानमंत्री बिजली परिवहन योजना के पहले चरण में 16 डिपो में 2800 बसों के लिए चार्जिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी. दूसरे चरण में अन्य 16 डिपो में 2710 बसों के लिए चार्जिंग का इंतजाम होगा. दोनों चरणों का काम अगले दो वर्षों में पूरा करने की योजना है.
5510 बसों के लिए चार्जिंग
राष्ट्रीय बिजली बस कार्यक्रम के तहत पांच डिपो में 768 बसों के लिए बिजली चार्जिंग क्षमता तैयार की जा रही है. तीन अन्य डिपो में भी इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग से जुड़ा काम चल रहा है. दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने के साथ उन्हें खड़ा करने के लिए जगह भी बढ़ाई जा रही है. सरकार दौराला में 250 बसों और झुलझुली में 500 बसों की क्षमता वाले दो नए डिपो तैयार कर रही है. परिवहन विभाग ने पांच अन्य स्थानों पर जमीन उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण से अनुरोध किया है.
बनेंगे नए डिपो
दिल्ली के 40 बस डिपो से करीब 5088 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है. परिवहन मंत्री के मुताबिक, डबल इंजन की सरकार का फोकस सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के साथ दिल्ली को स्वच्छ और हरित राजधानी बनाने पर है. नई बसों और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या और बढ़ाई जा सकेगी.
