नई दिल्ली | उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन करने के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से बढ़ती भीड़ के कारण लोगों को लंबा जाम झेलना पड़ रहा है। मंदिर के आसपास वाहनों की कतारें लगने से स्थानीय लोगों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। अब इस परेशानी को दूर करने के लिए प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है।

नैनीताल जिला प्रशासन ने कैंची धाम में दर्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करने का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा है। इसके तहत चारधाम यात्रा की तरह पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर अलग पंजीकरण सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। यह व्यवस्था अभी प्रस्तावित है और शासन की मंजूरी मिलने के बाद ही लागू होगी।
श्रद्धालुओं को मिलेगी अनुमति
प्रस्ताव के अनुसार, कैंची धाम में प्रतिदिन करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। निर्धारित संख्या पूरी होने के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा और श्रद्धालुओं को दूसरी तारीख चुनने का विकल्प मिलेगा। वहीं, पंजीकरण के दौरान ठहरने और पार्किंग की व्यवस्था की जानकारी भी देनी पड़ सकती है।
हल्द्वानी में होगी रजिस्ट्रेशन की जांच
नई व्यवस्था लागू होने पर हल्द्वानी की सीमा में बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं के पंजीकरण की जांच करने की योजना है। इसके बाद पंजीकरण में दर्ज संख्या के आधार पर ही श्रद्धालुओं को आगे भेजा जाएगा। अधिक भीड़ होने पर हल्द्वानी में वाहनों की पार्किंग कराकर शटल सेवा से श्रद्धालुओं को कैंची धाम पहुंचाने का विकल्प भी प्रस्तावित है। स्थानीय निवासियों को आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या अन्य स्थानीय पहचान पत्र दिखाकर प्रवेश देने की योजना है। दरअसल, 2 से 4 अक्टूबर के बीच कैंची धाम में प्रतिदिन करीब 45 से 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे।
पंजीकरण का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेज दिया गया है। शासन की स्वीकृति के बाद ही इसे लागू किया जाएगा- ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी