नई दिल्ली | पहाड़ों पर घूमने का नाम आते ही लोगों के मन में नैनीताल, भीमताल और कैंचीधाम जैसी खूबसूरत जगहों की तस्वीर सामने आ जाती है. लेकिन छुट्टियों और वीकेंड पर इन जगहों तक पहुंचना कई बार मुश्किल हो जाता है. सड़कों पर गाड़ियों की लंबी लाइन लगने से पर्यटकों का काफी समय जाम में निकल जाता है. अब इस परेशानी को कम करने के लिए नैनीताल पुलिस ने नई तैयारी शुरू कर दी है. बता दें कि नैनीताल जिले में पर्यटन सीजन और वीकेंड के दौरान वन-वे स्लॉट सिस्टम लागू करने की योजना बनाई जा रही है.

इस व्यवस्था को उस समय इस्तेमाल किया जाएगा, जब सड़कों पर वाहनों की संख्या क्षमता से ज्यादा हो जाएगी. पुलिस का मकसद पर्यटकों की आवाजाही को बेहतर बनाना और प्रमुख पर्यटन स्थलों के रास्तों पर लगने वाले जाम को कम करना है.
अपनाया जाएगा नया सिस्टम
नैनीताल पुलिस इस बार ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव करने के लिए मसूरी और शिमला जैसे पर्यटन शहरों में इस्तेमाल होने वाले तरीकों का अध्ययन कर रही है. इसके आधार पर स्थानीय सड़कों और वाहनों के दबाव को देखते हुए नया प्लान तैयार किया जाएगा. इसका सबसे ज्यादा फायदा नैनीताल, भीमताल, भवाली और कैंचीधाम की तरफ जाने वाले लोगों को मिल सकता है. इन इलाकों में छुट्टियों के दौरान अचानक गाड़ियों की संख्या बढ़ने से हल्द्वानी और आसपास की सड़कों पर भी यातायात प्रभावित होता है. हालांकि, वन-वे स्लॉट सिस्टम हर समय लागू नहीं रहेगा. पुलिस के मुताबिक जरूरत पड़ने पर ही इसे इस्तेमाल किया जाएगा.
अगस्त तक पहुंचे 12 लाख से ज्यादा पर्यटक
नैनीताल में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या भी ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रही है. पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अगस्त तक जिले में 12,12,196 पर्यटक पहुंच चुके हैं. इनमें 6 लाख से ज्यादा पर्यटक केवल मई और जून में आए थे. पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े देखें तो 2021 में करीब 3 लाख पर्यटक नैनीताल पहुंचे थे. इसके बाद 2022 में 5 लाख, 2023 में 7 लाख और 2024 में करीब 10 लाख पर्यटक आए.
वहीं, 2025 में यह संख्या 13 लाख के पार पहुंच गई थी. पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस अब पहले से बेहतर और लंबे समय तक काम आने वाली ट्रैफिक व्यवस्था तैयार करना चाहती है.
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर विचार
इसी बीच प्रसिद्ध कैंचीधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए भी नई व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है. प्रशासन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के आधार पर श्रद्धालुओं को अलग-अलग समय पर दर्शन की सुविधा देने की संभावना देख रहा है. अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो एक ही समय पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों के पहुंचने से होने वाली परेशानी कम की जा सकेगी. फिलहाल, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है.