नई दिल्ली | UPSC की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं का सपना IAS अधिकारी बनने का होता है। इसके लिए कई साल मेहनत करने के बाद भी हर किसी को सफलता नहीं मिल पाती। कुछ उम्मीदवार एक-दो बार असफल होने पर तैयारी छोड़ देते हैं, लेकिन कुछ लोग आखिरी मौके तक कोशिश करते रहते हैं। दिल्ली की नूपुर गोयल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने लगातार असफलताओं के बावजूद अपना सपना नहीं छोड़ा।

दिल्ली के नरेला की रहने वाली नूपुर गोयल ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया 11वीं रैंक हासिल की थी। यह उनका छठा और अंतिम प्रयास था। इससे पहले वह पांच बार परीक्षा में सफल नहीं हो सकी थीं।
इंजीनियरिंग के बाद शुरू की तैयारी
नूपुर ने डीएवी कॉलेज से इंटरमीडिएट और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने इग्नू से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। अपने अंकल से प्रेरित होकर उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया। साल 2014 में नूपुर पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन चयन नहीं हुआ। वर्ष 2015 में वह प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर सकीं। इसके बाद 2016 में दोबारा इंटरव्यू तक पहुंचीं, जबकि 2017 में प्रीलिम्स में रुक गईं। वर्ष 2018 में तीसरी बार इंटरव्यू देने के बावजूद अंतिम सूची में जगह नहीं मिली।
ऐसे मिली सफलता
इसी बीच नूपुर ने गृह मंत्रालय के अंतर्गत इंटेलिजेंस ब्यूरो में नौकरी शुरू कर दी। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। आखिरकार 2019 में अपने अंतिम प्रयास में उन्होंने AIR 11 हासिल की और IAS अधिकारी बन गईं। मीडिया रिपोर्टेस के अनुसार, नूपुर गोयल मेरठ में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत रही हैं। इस तरह परिवार के सहयोग और लगातार मेहनत से उन्होंने आखिरकार IAS बनने का लक्ष्य हासिल कर लिया।