10 फीसदी आरक्षण के नियम बदलने की तैयारी, कृषि आय और जमीन की शर्त पर बड़ा अपडेट

नई दिल्ली | सरकारी नौकरी और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का लाभ लेने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को कई शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। इनमें परिवार की सालाना कमाई के साथ खेती की जमीन भी शामिल है। अब इन नियमों में बदलाव की संभावना सामने आई है, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों को राहत मिल सकती है। बता दें कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए निर्धारित आरक्षण की पात्रता संबंधी नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है।

Jamin Arakshan

मीडिया रिपोर्ट्स से सामने आई जानकारी के अनुसार, कृषि आय और पांच एकड़ कृषि भूमि से जुड़ी शर्तों में राहत देने की तैयारी है। हालांकि, अभी इन बदलावों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

EWS आरक्षण के मौजूदा नियम

फिलहाल पात्र सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलता है। इसके लिए परिवार की सालाना सकल आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इस आय में वेतन, व्यापार, कृषि और दूसरे पेशों से होने वाली कमाई शामिल की जाती है। इसके अलावा, 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि रखने वाले परिवार मौजूदा केंद्रीय पात्रता नियमों के तहत इस आरक्षण का लाभ नहीं ले सकते।

शर्त में मिलेगी राहत

प्रस्तावित बदलावों के तहत कृषि से होने वाली कमाई को आय की गणना से बाहर रखने और कृषि भूमि की सीमा संबंधी शर्त हटाने पर विचार किया जा रहा है। यदि सरकार इन प्रस्तावों को मंजूरी देती है, तो कुछ ऐसे परिवार भी पात्रता के दायरे में आ सकते हैं, जो फिलहाल इन शर्तों के कारण बाहर हैं। इसी बीच सामान्य वर्ग से जुड़े कई संगठन लंबे समय से EWS पात्रता नियमों में राहत की मांग कर रहे हैं। चुनावी माहौल में इस प्रस्ताव को सामान्य वर्ग की नाराजगी दूर करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.