नई दिल्ली | हमाले देश में लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा में कई बार लोगों का काफी समय निकल जाता है। खासकर बड़े शहरों के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और कारोबारियों के लिए समय की बचत बहुत मायने रखती है। ऐसे में तेज रफ्तार ट्रेनों की सुविधा बढ़ने से लोगों का सफर पहले से आसान हो सकता है। इसी दिशा में भारतीय रेलवे देश के कई प्रमुख शहरों को हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी कर रहा है।

केंद्रीय बजट 2026-27 में देश के सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इन प्रस्तावित मार्गों का उल्लेख किया था।
इन 7 रूटों पर चलाने की योजना
प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं।
इन मार्गों के विकसित होने से उत्तर भारत के साथ दक्षिण और पश्चिम भारत के कई बड़े शहरों के बीच तेज रेल संपर्क उपलब्ध हो सकेगा।
इतने घंटे में सफर पूरा
योजना से जुड़े शुरुआती अनुमानों के अनुसार, दिल्ली से वाराणसी की यात्रा लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकती है। वहीं, मुंबई से पुणे का सफर करीब 48 मिनट में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल, देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी काम चल रहा है। इस कॉरिडोर को अधिकतम 320 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति वाली ट्रेनों के लिए डिजाइन किया गया है।