नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में घर की छत को बिजली उत्पादन का जरिया बनाने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है. ‘पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना’ के लिए आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल लॉन्च कर दिया गया है. योजना के पहले चरण में 2.30 लाख से अधिक परिवारों के घर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है. लाभार्थियों का चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगा. दिल्ली सचिवालय में सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऊर्जा मंत्री आशीष सूद की मौजूदगी में पोर्टल का शुभारंभ किया.
योजना में केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों आर्थिक मदद देंगी. 3 किलोवाट तक सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने पर केंद्र सरकार से अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी. दिल्ली सरकार भी 78 हजार रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देगी. इस तरह एक पात्र परिवार को अधिकतम 1.56 लाख रुपये की मदद मिल सकेगी.
मासिक बिजली खपत
जिन घरेलू उपभोक्ताओं की औसत मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है, उनके यहां 3 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम बिना व्यक्तिगत खर्च के लगाने की व्यवस्था की जा रही है. जिन घरों की छत छोटी है, वहां 2 किलोवाट तक का सिस्टम लगाया जा सकेगा. ऐसे उपभोक्ताओं के लिए कुल लक्ष्य का 50 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित रखा गया है.
सोसायटियों को भी मिलेगा फायदा
ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और आरडब्ल्यूए के सामुदायिक या खुले स्थानों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए मिलने वाली सहायता 2,000 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति किलोवाट की गई है. 0 से 200 यूनिट बिजली इस्तेमाल करने वाले परिवार सोलर पैनल लगने के बाद पारंपरिक बिजली की खपत घटाते हैं तो बचत के आधार पर अलग फाइनेंशियल इंसेंटिव भी मिलेगा.
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद के मुताबिक, शुरुआती 5 साल तक विक्रेता सोलर सिस्टम का नि:शुल्क रखरखाव करेगा. इसके बाद सिस्टम की 25 से 30 साल की कार्य अवधि के दौरान किफायती दरों पर मेंटेनेंस की सुविधा देने की व्यवस्था रहेगी.
