नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का IGI Airport सफर शुरू करने वाले यात्रियों तक ही सीमित नहीं रह गया है. जी हां, बिल्कुल सही सुना आपने… दरअसल, देश के अलग- अलग शहरों से विदेश जाने वाले करीब 50 हजार यात्री रोज यहां अपनी फ्लाइट बदल रहे हैं. इस हिसाब से हर महीने लगभग 15 लाख यात्री दिल्ली एयरपोर्ट का इस्तेमाल ट्रांजिट हब के रूप में कर रहे हैं. बढ़ते नेटवर्क के बीच एयरपोर्ट से अब देश- विदेश के 160 गंतव्यों के लिए कनेक्टिविटी उपलब्ध है. इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा हुआ है.
इनमें 70 अंतरराष्ट्रीय और 90 घरेलू गंतव्य शामिल हैं. जयपुर, पटना, लखनऊ, रांची, इंदौर, भुवनेश्वर और गुवाहाटी जैसे शहरों से दिल्ली पहुंचने वाले यात्री यहां से यूरोप, उत्तरी अमेरिका, आस्ट्रेलिया, दक्षिण- पूर्व एशिया, मध्य एशिया और मध्य- पूर्व के लिए आगे की उड़ान ले सकते हैं.
वैश्विक रैंकिंग में 11 पायदान की छलांग
कनेक्टिविटी बढ़ने का असर OAG (ऑफिशियल एयरलाइन गाइड) मेगाहब्स इंडेक्स-2026 में भी दिखा है. IGI Airport 2025 के 39वें स्थान से 11 पायदान ऊपर चढ़कर 28वें स्थान पर पहुंच गया है. वैश्विक शीर्ष 30 में जगह बनाने वाला यह एकमात्र भारतीय एयरपोर्ट है. कम लागत वाली एयरलाइंस (LCC) के मामले में दिल्ली के पास 11,045 संभावित कनेक्शन हैं और इसे प्रमुख LCC मेगाहब बताया गया है.
मनीला और ताइपे से जुड़ने की तैयारी
हाल में दिल्ली से बीजिंग और उज्बेकिस्तान के नमनगन की कनेक्टिविटी जुड़ी है. घरेलू नेटवर्क में बरेली, दमन, अंबिकापुर, हलवारा और किशनगढ़ भी शामिल हुए हैं. आने वाले महीनों में नेटवर्क और बढ़ सकता है. फिलीपीन एयरलाइंस के नवंबर में दिल्ली- मनीला और EVA Air के एक दिसंबर से दिल्ली-ताइपे सेवा शुरू करने की उम्मीद है. रूस, मंगोलिया और अफ्रीकी देशों के साथ डायरेक्ट कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी बातचीत चल रही है.
यात्रियों को टर्मिनल बदलने में आसानी हो, इसके लिए टर्मिनल- 1 और टर्मिनल- 3 के बीच एयरसाइड ट्रांसफर सुविधा का प्रस्ताव भी विचाराधीन है. फिलहाल, यह प्रस्ताव ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के पास है.
