मुंबई | बॉलीवुड के बड़े सितारों (नाना पाटेकर) का नाम आते ही लोगों के मन में आलीशान बंगले, महंगी गाड़ियां और लग्जरी लाइफस्टाइल की तस्वीर बनने लगती है लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में कुछ कलाकार ऐसे भी रहे, जिन्हें इतनी शोहरत मिलने के बाद भी सादगी से रहना पसंद था। इन्हीं में एक नाम दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का था। फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाने वाले नाना को असल जिंदगी में गांव की शांति, खेतों की हरियाली और जानवरों के बीच समय बिताना ज्यादा अच्छा लगता था।

नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों में शोक की लहर है। नाना अपने पीछे कई यादगार फिल्में छोड़ गए हैं।
मुंबई में एक कमरे का फ्लैट
इसके साथ ही उनकी सादगी भरी जिंदगी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। खासकर पुणे के पास बना उनका फार्महाउस, जहां वह फिल्मी दुनिया की भागदौड़ से दूर समय बिताते थे। नाना पाटेकर ने अपने करियर में खूब नाम कमाया, लेकिन उन्होंने कभी आलीशान जिंदगी को ज्यादा महत्व नहीं दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह मुंबई के अंधेरी स्थित लोखंडवाला इलाके के समर्थ नगर में एक साधारण वन बीएचके फ्लैट में रहते थे।
वहीं, पुणे के पास खडकवासला इलाके में उनका करीब 27 एकड़ में फैला फार्महाउस था। यहां चारों तरफ हरियाली और प्राकृतिक वातावरण था। फार्महाउस में लकड़ी के फर्नीचर, टेराकोटा फर्श और लकड़ी की बीम वाली छत जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया था।
खुद करते थे खेती
उन्हें खेतों में काम करना और फसलों की देखभाल करना पसंद था। उनके फार्महाउस में चावल, गेहूं, बाजरा, प्याज और लहसुन जैसी फसलें उगाई जाती थीं। वह अक्सर यहां आकर खेती से जुड़े कामों में समय बिताते थे। मुंबई की व्यस्त जिंदगी से दूर यह जगह उनके लिए बेहद खास थी। फिल्म की शूटिंग और दूसरे कामों से फुर्सत मिलने पर वह गांव के शांत माहौल में रहना पसंद करते थे।
फार्महाउस में रहते थे 12 गाय और 2 बैल
कोरोना महामारी के दौरान जब देशभर में लॉकडाउन लगा था, तब नाना पाटेकर ने अपने फार्महाउस पर काफी समय बिताया था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने वहां रहने वाले जानवरों के बारे में भी बताया था। उनके मुताबिक, उस समय फार्महाउस में पांच कुत्ते, 12 गाय और दो बैल थे। वह जानवरों के बीच रहना और उनकी देखभाल करना पसंद करते थे। फार्महाउस में 7 कमरे और एक बड़ा हॉल भी था। हालांकि, इतनी जगह होने के बावजूद उन्होंने इसकी बनावट में दिखावे के बजाय सादगी को महत्व दिया था।
फिल्मी पार्टियों से दूर रहना था पसंद
नाना पाटेकर का स्वभाव भी दूसरे कई फिल्मी सितारों से अलग था। वह बड़े आयोजनों और पार्टियों में कम दिखाई देते थे। एक टीवी कार्यक्रम में उन्होंने बताया था कि फिल्में उनके लिए काम का हिस्सा थीं, लेकिन काम खत्म होने के बाद उन्हें अपनी निजी दुनिया में लौटना अच्छा लगता था। उन्हें गांव में रहना और प्रकृति के करीब समय बिताना पसंद था। उनका मानना था कि इंसान अपनी जरूरतें सीमित रखकर भी अच्छी जिंदगी जी सकता है।
हरियाली के बीच मिलता था सुकून
नाना पाटेकर को अपने फार्महाउस का प्राकृतिक वातावरण इतना पसंद था कि उन्होंने एक बातचीत में वहां एयर कंडीशनर की जरूरत महसूस नहीं होने की बात कही थी।
उनका कहना था कि शहरों में घर चारदीवारी से घिरे होते हैं, जबकि उनका घर पहाड़ों और हरियाली के बीच है। इसी वातावरण में उन्हें सुकून मिलता था। नाना पाटेकर ने अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई, लेकिन पर्दे के बाहर उनका जीवन काफी अलग था।