चंडीगढ़ | किसान के लिए फसल तैयार होने के बाद सबसे बड़ी चिंता उसके सही दाम की होती है. खेत में महीनों की मेहनत लगाने के बाद अगर मंडी में अच्छा भाव मिल जाए तो खेती का खर्च निकालने के साथ कुछ अतिरिक्त कमाई भी हाथ में आती है. अब रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी से हरियाणा के किसानों को भी फायदा मिलने वाला है. बता दें कि मौजूदा सरकारी खरीद के आंकड़ों के आधार पर MSP बढ़ने से प्रदेश के किसानों को करीब 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है.

इसमें सबसे ज्यादा फायदा सरसों और गेहूं की खेती करने वाले किसानों को होगा. अगर सरसों की सरकारी खरीद करीब 13 लाख टन तक पहुंचती है तो कुल अतिरिक्त लाभ करीब 720 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.
सरसों पर मिलेंगे 413 रुपये ज्यादा
सरसों का MSP 6,200 रुपये से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है. यानी अब किसानों को हर क्विंटल सरसों पर 413 रुपये ज्यादा मिलेंगे. हरियाणा में अगर करीब 8 लाख टन सरसों की सरकारी खरीद होती है तो किसानों को बढ़े हुए MSP से करीब 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा हो सकता है. वहीं, खरीद 13 लाख टन तक पहुंचने की स्थिति में अकेले सरसों किसानों को मिलने वाला अतिरिक्त लाभ करीब 537 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. प्रदेश में सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी सरसों उत्पादन वाले प्रमुख जिलों में शामिल हैं.
गेहूं किसानों को भी मिलेगा फायदा
वहीं, गेहूं के MSP में भी बढ़ोतरी की गई है. इसका भाव 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है. प्रति क्विंटल 25 रुपये का इजाफा हुआ है. करीब 72 लाख टन सरकारी खरीद को आधार माना जाए तो हरियाणा के गेहूं किसानों को लगभग 180 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं. करीब 4.69 लाख गेहूं विक्रेताओं के हिसाब से औसत निकालें तो प्रति किसान यह अतिरिक्त रकम करीब 3,800 रुपये बैठती है. सरसों के करीब 2.59 लाख विक्रेताओं के आधार पर औसतन प्रति किसान लगभग 12,700 रुपये का अतिरिक्त फायदा बनने का अनुमान है. हालांकि किसी किसान को वास्तव में कितनी अतिरिक्त रकम मिलेगी, यह उसकी बेची गई फसल की मात्रा पर निर्भर करेगा.
कुसुम के भाव में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
सरकार ने दूसरी रबी फसलों का MSP भी बढ़ाया है. जौ का भाव 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये, चना 5,875 से बढ़ाकर 5,958 रुपये और मसूर 7,000 से बढ़ाकर 7,390 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है. वहीं, कुसुम का MSP 6,540 रुपये से बढ़कर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. इसमें 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है, जो इन फसलों में सबसे ज्यादा है. ऐसे में बढ़े हुए MSP से गेहूं के साथ तिलहन और दलहन की खेती करने वाले किसानों को भी बेहतर भाव मिलने की उम्मीद है. हालांकि चना, मसूर और कुसुम के किसानों को कुल कितना अतिरिक्त फायदा मिलेगा, यह सरकारी खरीद की मात्रा और बाजार में मिलने वाले भाव पर निर्भर करेगा.