झज्जर | जेल में बंद लोगों की जिंदगी सिर्फ चारदीवारी और सजा तक सीमित नहीं होती। जी हां, बिल्कुल सही सुना आपने… यहां कई बंदी जेल में रहते हुए नए काम सीखते हैं और अपने हुनर से ऐसी चीजें तैयार करते हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग रहती है। हरियाणा के झज्जर जिला कारागार में भी इन दिनों कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। यहां बंदी लकड़ी से खूबसूरत फर्नीचर तैयार कर रहे हैं, जिसे अगले साल फरवरी में लगने वाले सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में प्रदर्शित करने की योजना है।

झज्जर जिला कारागार में बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे फर्नीचर को सूरजकुंड मेले में कारागार विभाग के विशेष स्टॉल पर रखा जाएगा। यहां देश-विदेश से आने वाले लोग बंदियों के बनाए सामान को देख सकेंगे। इससे बंदियों के हुनर को पहचान मिलेगा और उनके तैयार उत्पादों की मांग भी बढ़ सकती है।
जेल में तैयार हो रही कुर्सियां
झज्जर जेल में इन दिनों लकड़ी के फर्नीचर बनाने का काम चल रहा है। बंदी लकड़ी की कटाई से लेकर उसे घिसने और अंतिम रूप देने तक के काम में लगे हुए हैं। यहां टेबल, कुर्सियां, बेंच, कॉर्नर फर्नीचर और ट्रॉलियां तैयार की जा रही हैं। इन सभी उत्पादों को फरवरी 2027 में प्रस्तावित सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में प्रदर्शित किया जाएगा। जेल में तैयार सामान को केवल प्रदर्शनी के लिए नहीं रखा जाएगा। अगर मेले में खरीदारों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है और बड़े ऑर्डर आते हैं, तो जेल प्रशासन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी काम करेगा।
सरसों का तेल भी होगा खास
इसी बीच जेल प्रशासन ने मेले में फर्नीचर के अलावा एक और उत्पाद प्रदर्शित करने की तैयारी की है। झज्जर जिला कारागार में तैयार किया जा रहा सरसों का तेल भी कारागार विभाग के स्टॉल पर रखा जाएगा। इससे मेले में आने वाले लोगों को जेल के भीतर चल रही अलग-अलग गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, बंदियों द्वारा तैयार सामान को बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी मिलेगा।
बढ़ाया जाएगा उत्पादन
जेल अधीक्षक सेवा सिंह के अनुसार, सूरजकुंड मेले में कारागार विभाग की ओर से विशेष स्टॉल लगाया जाता है। इस स्टॉल पर हरियाणा की अलग-अलग जेलों में बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद प्रदर्शित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार झज्जर जेल में बना लकड़ी का फर्नीचर और सरसों का तेल भी प्रदर्शनी का हिस्सा होगा। अगर खरीदारों से बड़े ऑर्डर मिलते हैं, तो मांग के अनुसार उत्पादन बढ़ाया जाएगा।