जींद | हरियाणा की मिट्टी ने देश को कई बड़े पहलवान दिए हैं। अब इसी धरती की बेटी मनीषा भनवाला ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिससे भारतीय कुश्ती का नाम पूरी दुनिया में रोशन हो गया है। फाइनल मुकाबले में छह अंक से पिछड़ने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरी समय में बाजी पलटकर गोल्ड मेडल जीत लिया।

बता दें कि मनीषा ने कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित सीनियर रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के महिला 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराया।
पहली महिला पहलवान
इस जीत के साथ वह विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई हैं। वहीं, वह यह खिताब जीतने वाली देश की दूसरी पहलवान हैं। उनसे पहले 2010 में सुशील कुमार ने पुरुषों के 66 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीता था।
फाइनल में पलटी बाजी
फाइनल में अमेरिकी पहलवान ने शुरुआत से ही मनीषा पर दबाव बना लिया था। एक समय स्कोर 6-0 हो गया और भारतीय पहलवान की मुश्किलें बढ़ती दिखीं। लेकिन मनीषा ने वापसी की कोशिश जारी रखी। उन्होंने लगातार अंक जुटाए और मुकाबले को 6-6 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद आखिरी समय में एक और दांव लगाकर 8-6 की बढ़त हासिल की और गोल्ड अपने नाम कर लिया।
कौन हैं मनीषा भनवाला?
मनीषा का जन्म 10 फरवरी 1997 को हरियाणा के जींद जिले के सिवाहा गांव में हुआ था। साल 2013 में उनके पिता ने फिटनेस सुधारने और वजन कम करने के लिए उन्हें अखाड़े में भेजा था। यहीं से उनके कुश्ती करियर की शुरुआत हुई।
पहले भी जीत चुकी हैं कई मेडल
मनीषा ने 2016 में कैडेट विश्व चैंपियनशिप और दक्षिण एशियाई खेलों में 60 किलोग्राम वर्ग का गोल्ड जीता था। साल 2018 में चीन में आयोजित विश्व सैन्य खेलों में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद 2022, 2023 और 2024 की एशियाई चैंपियनशिप में लगातार तीन कांस्य पदक जीते। साल 2025 में उन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर अपनी प्रतिभा का एक और बड़ा प्रमाण दिया। अब विश्व चैंपियन बनकर उन्होंने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।