गुरुग्राम | हरियाणा की मनोहर सरकार किसानों को परम्परागत खेती का मोह त्याग कर बागवानी और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है. फसल विविधीकरण और किसानों की आमदनी में इजाफा हो सकें, इसके लिए किसानों को बागवानी खेती पर सब्सिडी दी जा रही है. इसी कड़ी में मसालों की खेती करने वाले किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है.
गुरुग्राम उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिलें में मसालों की खेती करने वाले किसानों को अनुदान राशि मिलेगी. उन्होंने कहा कि किसानों को सब्जियों और फलों के भाव से जोखिम मुक्त कर उन्हें फसल का उचित दाम दिलाने के लिए सरकार की तरफ से अनुदान और भावंतर भरपाई योजना चलाई जा रही है. इसके तहत, बागवानी के क्षेत्र में मसालों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से 50% सब्सिडी मुहैया कराई जाएगी.
इतनी मिलती है सब्सिडी
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लहसुन पर 30 हजार रूपए प्रति एकड़, धनिया और मैथी पर 15 हजार रूपए प्रति एकड़ सब्सिडी दी जा रही है. वहीं, सुगंधित पौधों जैसे मेंथा, लेमनग्रास, सिट्रोनेला की खेती पर 40% की दर से 6, 400 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जा रहा है. डीसी ने बताया कि एक किसान अधिकतम 10 एकड़ तक लाभ उठा सकता है.
इस पोर्टल पर करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
उपायुक्त ने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने वाले किसानों को किसान विभाग के पोर्टल hortnet.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि उत्पादन से पहले होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत उत्पादक किसान अपनी फसलों का बीमा भी करवा सकते हैं.
अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर
डीसी निशांत ने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए मेरी फसल- मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य किया गया है. उन्होंने बताया कि इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल करने के लिए किसी भी दिन जिला बागवानी अधिकारी के कार्यालय या विभाग के टोल फ्री नंबर 1800- 180- 2021 पर संपर्क कर सकते हैं.
