फरीदाबाद | शहर में लगातार बढ़ते कूड़ा की समस्या और बंधवाड़ी में कचरा डालने को लेकर लगातार उठ रहे विवाद के बीच नगर निगम ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है. निगम अब अपने मौजूदा कूड़ा निस्तारण प्लांटों को अपग्रेड करेगा और एक नया प्लांट भी स्थापित करेगा. इसके बाद शहर का करीब 1350 टन कूड़ा प्रतिदिन निस्तारित किया जा सकेगा. नगर निगम कूड़े से खाद और आरडीएफतैयार कर रही है जिससे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान हो सके.

पिछले 2 सालों से निगम कूड़ा उठान के लिए स्थायी एजेंसी नियुक्त नहीं कर पाया है. वहीं, एनजीटी की फटकार के बावजूद शहर का बड़ा हिस्सा अभी भी बंधवाड़ी में भेजा जा रहा है, जिस पर गुरुग्राम नगर निगम कई बार आपत्ति दर्ज करा चुका है.
फरीदाबाद नगर निगम का निर्देश
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पहले भी फरीदाबाद नगर निगम को अपनी कूड़ा निस्तारण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद प्रतापगढ़ और मुजेड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित किए गए, लेकिन उनकी क्षमता शहर की जरूरतों के मुकाबले काफी कम साबित हुई. वर्तमान में प्रतापगढ़ प्लांट में केवल 150 टन और मुजेड़ी प्लांट में करीब 90 टन कूड़े का निस्तारण हो पाता है. जबकि फरीदाबाद से रोजाना 1000 टन से अधिक कचरा निकलता है. अतिरिक्त कूड़े को निगम के वाहन बंधवाड़ी तक पहुंचाते हैं, जबकि बड़ी मात्रा में कचरा शहर के विभिन्न खत्तों पर भी जमा रहता है.
योजना पर चल रहा काम
अब निगम प्रतापगढ़ प्लांट की क्षमता 150 टन से बढ़ाकर लगभग 700 टन प्रतिदिन करने की योजना पर काम कर रहा है. वहीं मुजेड़ी प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 300 टन प्रतिदिन की जाएगी. इसके अलावा, सोतई में नया कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जाएगा, जहां 300 टन तक कचरे का निपटान किया जा सकेगा. नगर निगम का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर में मौजूद 50 से अधिक खत्तों पर कूड़े का दबाव काफी कम हो जाएगा. फिलहाल इन स्थानों पर जमा कचरा अक्सर बेसहारा पशुओं द्वारा सड़कों पर फैला दिया जाता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
दोनों मौजूदा प्लांटों के अपग्रेडेशन का काम जल्द शुरू किया जाएगा. साथ ही सोतई में नया निस्तारण प्लांट भी स्थापित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि कूड़ा उठान के लिए नई एजेंसी की नियुक्ति भी इसी महीने कर दी जाएगी, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकेगा- धीरेंद्र खड़गटा, नगर निगम आयुक्त