नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली के पश्चिमी जोन में रहने वाले लोगों को जल्द ही खुले में पड़े कूड़े, बदबू और गंदगी से राहत मिलने वाली है. नगर निगम डोर- टू- डोर कूड़ा संग्रहण की नई और आधुनिक व्यवस्था शुरू करने जा रहा है. इसका उद्घाटन जनकपुरी स्थित पंखा रोड के एफसीटीएस केंद्र में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी. इस दौरान मंत्री आशीष सूद, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे. नई व्यवस्था के तहत तंग गलियों तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक ई- रिक्शा और ई- वाहनों की तैनाती की जाएगी, जहां बड़े कचरा वाहन नहीं पहुंच पाते.

पहले जहां सफाई कार्य केवल 8 घंटे तक होता था, वहीं अब दो पालियों में कूड़ा उठाया जाएगा ताकि व्यस्त इलाकों में दिनभर सफाई व्यवस्था बनी रहे. इसके अलावा, नालियों से निकाली गई गाद भी अब यही वाहन उठाएंगे.
दिल्ली में नई शुरुआत
इस योजना का सबसे बड़ा बदलाव पुराने ‘कूड़ा घरों’ को आधुनिक ‘स्वच्छालय’ में बदलना है. पहले जहां इन स्थानों पर कूड़े के ढेर, दुर्गंध और आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता था, वहीं अब इन्हें नए स्वरूप में विकसित किया गया है. 14 एफसीटीएस मशीनों से लैस इन स्वच्छालयों के जरिए कचरे का बेहतर प्रबंधन किया जाएगा, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है. सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए हाई-टेक सिस्टम भी तैयार किया गया है. सभी ई- वाहनों में जीपीएस लगाया गया है.
राजौरी गार्डन स्थित जोनल कार्यालय में एक सेंट्रल वार रूम बनाया गया है. यहां से वाहनों की रियल- टाइम लोकेशन पर नजर रखी जाएगी. सभी गतिविधियां निगम के ‘ई-स्वच्छता ऐप’ पर दर्ज होंगी, जिसकी मॉनिटरिंग जोन के उपायुक्त और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी.
ई- वाहनों से होगी सफाई
योजना के पहले चरण में पश्चिमी जोन के 25 वार्डों में से 6 वार्डों में इसे लागू किया जा रहा है, जिनमें जनकपुरी और राजौरी गार्डन के 3- 3 वार्ड शामिल हैं. ‘इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक निगरानी व्यवस्था से सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी. हालांकि, इस योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कूड़ा समय पर उठे, शाम की पाली में भी नियमित सफाई हो और नई व्यवस्था का संचालन लगातार प्रभावी ढंग से किया जाए.