चंडीगढ़ | राजधानी चंडीगढ़ में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नगर निगम बड़ा कदम उठाने जा रहा है. सेक्टर-25 वेस्ट में करीब 2 एकड़ भूमि पर 17.35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डॉग पाउंड बनाया जाएगा. नगर निगम के चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा ने इस परियोजना के डिटेल्ड नोटिस इनवाइटिंग टेंडर (DNIT) को मंजूरी दे दी है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा और इसे एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

नगर निगम के अनुसार शहर में रोजाना औसतन करीब 10 लोग आवारा कुत्तों के काटने का शिकार होते हैं. पार्कों में टहलने वाले लोगों, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों पर कुत्तों के हमलों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं.
आधुनिक सुविधाओं से लैस
नए डॉग पाउंड के तैयार होने के बाद संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों से पकड़े गए आवारा कुत्तों को यहां रखा जाएगा, जिससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी संख्या कम करने में मदद मिलेगी. यह डॉग पाउंड आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. इसमें मजबूत स्टील केनेल, सुरक्षित शेल्टर और कुत्तों के लिए खुले क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा प्रशासनिक भवन, पानी की आपूर्ति, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम भी बनाया जाएगा. स्वच्छता बनाए रखने के लिए एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) लगाया जाएगा, जिससे अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निपटान हो सके.
विशेष सुविधा उपलब्ध
यह परियोजना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में शुरू की जा रही है. अदालत ने नगर निकायों को भीड़भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को पकड़कर वैज्ञानिक तरीके से शेल्टर में रखने तथा नसबंदी और एंटी- रेबीज टीकाकरण अभियान तेज करने के निर्देश दिए थे. पिछले कुछ वर्षों से सेक्टर- 15, 22, 38, रामदरबार, मनीमाजरा, धनास सहित कई इलाकों से आवारा कुत्तों की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं. नगर निगम के पास अब तक कुत्तों को लंबे समय तक रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें दोबारा उसी क्षेत्र में छोड़ना पड़ता था.
नया डॉग पाउंड तैयार होने के बाद शहर के विभिन्न सेक्टरों, रिहायशी इलाकों, अस्पतालों, स्कूलों और बाजारों से पकड़े गए करीब 1,980 आवारा कुत्तों को यहां रखने की व्यवस्था होगी. यहां एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों के तहत उनकी नसबंदी, एंटी- रेबीज टीकाकरण और बीमार या घायल कुत्तों के इलाज व देखभाल की भी विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.