नई दिल्ली | राजधानी की दिल्ली सरकार की प्रस्तावित महिला समृद्धि (लक्ष्मी) योजना केवल मासिक आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनमें बचत की आदत विकसित करने पर भी फोकस करेगी. सरकार योजना का ऐसा मॉडल तैयार कर रही है, जिसमें हर महीने मिलने वाली पूरी राशि एक साथ निकालने की अनुमति नहीं होगी.

सूत्रों के मुताबिक, योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने 2,500 रुपये जमा किए जाएंगे. इनमें से 1,000 रुपये तुरंत निकाले जा सकेंगे, जबकि 1,500 रुपये खाते में सुरक्षित बचत के रूप में जमा रहेंगे. यह राशि लगातार तीन साल तक जमा होती रहेगी और उस पर मिलने वाले ब्याज के साथ एकमुश्त लाभार्थी महिला को दी जाएगी.
दिशा- निर्देश जारी
यदि हर महीने 1,500 रुपये तीन वर्षों तक जमा होते हैं, तो कुल मूल राशि 54 हजार रुपये होगी. इस पर मिलने वाले ब्याज को जोड़ने के बाद लाभार्थी महिला को लगभग 58 हजार से 60 हजार रुपये तक एकमुश्त मिलने की संभावना है. अंतिम राशि ब्याज दर और योजना के वित्तीय प्रावधानों के अनुसार तय होगी. सरकार जल्द ही योजना के संचालन, पात्रता, भुगतान प्रक्रिया, निकासी की शर्तों और बचत राशि के प्रबंधन से जुड़े विस्तृत दिशा- निर्देश जारी करेगी. इन्हीं नियमों के आधार पर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा और लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी.
लागू करने की तैयारी
जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार 28 अगस्त से महिला समृद्धि योजना लागू करने की तैयारी में है. विभागीय स्तर पर सभी जरूरी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि तय समय पर योजना शुरू की जा सके. हालांकि, योजना की औपचारिक शुरुआत और अंतिम नियम सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद ही लागू होंगे. इस मॉडल से महिलाओं को हर महीने खर्च के लिए नियमित आर्थिक सहायता भी मिलती रहेगी. साथ ही, भविष्य के लिए एक मजबूत बचत भी तैयार होगी. यह राशि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, छोटे व्यवसाय की शुरुआत या अन्य जरूरी जरूरतों में काम आ सकेगी.