नई दिल्ली | इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई नजदीक है. ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक आईटीआर फाइल नहीं किया है, उन्हें समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए. वहीं, जिन करदाताओं ने पहले ही अपना रिटर्न दाखिल कर दिया है, उनमें से कई लोगों के खाते में रिफंड आ चुका है, जबकि कुछ लोग अब भी अपने ITR Refund का इंतजार कर रहे हैं. अगर आपका रिफंड अभी तक नहीं मिला है तो आप घर बैठे उसका स्टेटस आसानी से चेक कर सकते हैं.

आमतौर पर इनकम टैक्स विभाग आईटीआर वेरिफिकेशन पूरा होने के कुछ सप्ताह के भीतर रिफंड की राशि संबंधित बैंक खाते में भेज देता है. कई बार दस्तावेजों की जांच, बैंक डिटेल्स में गड़बड़ी या अन्य तकनीकी कारणों से रिफंड आने में देरी हो सकती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि विभाग ऑनलाइन स्टेटस चेक करने की सुविधा देता है.
नहीं आया ITR रिफंड
अगर आपने आईटीआर फाइल कर दिया है और रिफंड नहीं आया है तो सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर स्टेटस देखें. इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें. इसके बाद डैशबोर्ड में जाकर e- File > Income Tax Returns > View Filed Returns विकल्प पर क्लिक करें. यहां संबंधित Assessment Year चुनकर अपने रिटर्न की पूरी जानकारी और रिफंड स्टेटस देखा जा सकता है. अगर आपको ई- फाइलिंग पोर्टल का पासवर्ड याद नहीं है तो भी चिंता की बात नहीं है. ऐसे में आप TIN- NSDL पोर्टल के जरिए भी बिना लॉगिन किए अपना रिफंड स्टेटस देख सकते हैं.
इसके लिए वेबसाइट पर जाकर अपना PAN नंबर दर्ज करें. फिर संबंधित Assessment Year चुनें, कैप्चा भरें और सबमिट कर दें. इसके बाद आपके रिफंड की पूरी स्थिति स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी.
री- इश्यू के लिए ऑनलाइन अनुरोध
रिफंड स्टेटस चेक करते समय अलग- अलग मैसेज दिखाई दे सकते हैं. यदि Refund Issued लिखा है तो इसका मतलब है कि इनकम टैक्स विभाग ने रिफंड की राशि बैंक को भेज दी है और जल्द ही आपके खाते में पैसा जमा हो जाएगा. अगर Refund Failed लिखा दिखाई देता है तो इसका अर्थ है कि रिफंड भेजने की प्रक्रिया किसी कारणवश सफल नहीं हो सकी. ऐसी स्थिति में करदाता रिफंड री- इश्यू के लिए ऑनलाइन अनुरोध कर सकते हैं. यदि स्टेटस में Under Processing लिखा है तो इसका मतलब है कि आपका रिटर्न अभी विभाग की जांच प्रक्रिया में है. जांच पूरी होने के बाद रिफंड जारी कर दिया जाएगा. इसलिए ऐसे मामलों में कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है.
आईटीआर दाखिल करने के बाद ई- वेरिफिकेशन समय पर करना, बैंक खाता प्री-वैलिडेट रखना और सभी जानकारियां सही भरना जरूरी है. इससे रिफंड में अनावश्यक देरी की संभावना कम हो जाती है. अगर आपने अभी तक आईटीआर दाखिल नहीं किया है तो अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर लें.