कुरुक्षेत्र | हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) ने शाहाबाद स्थित मीरी- पीरी संस्थान को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है. कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने स्पष्ट कहा कि मीरी- पीरी संस्थान हरियाणा की जमीन पर स्थित है और यह HSGMC की संपत्ति है. ऐसे में संस्थान का संचालन किसी दूसरी कमेटी को नहीं सौंपा जाएगा. उन्होंने कहा कि अब संस्थान का प्रबंधन HSGMC स्वयं करेगी.

जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि मीरी- पीरी संस्थान से जुड़े विवाद के समाधान के लिए पहले 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था. इस कमेटी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से मुलाकात करने का भी निर्णय लिया था.
बुलाई गई बैठक
उन्होंने आरोप लगाया कि एसजीपीसी के एक सदस्य ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने बताया कि 23 जुलाई को कुरुक्षेत्र में HSGMC की एडजेक्टिव बॉडी की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में मीरी- पीरी संस्थान के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा. उनका कहना है कि जो भी फैसला होगा, वह संस्थान के हित में होगा, ताकि कॉलेज और अस्पताल का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रह सके.
28 जुलाई को सुनवाई
HSGMC प्रधान ने कहा कि मीरी- पीरी संस्थान को लेकर SGPC ने हाईकोर्ट में दोबारा रिट याचिका दाखिल की है, जिस पर 28 जुलाई को सुनवाई निर्धारित है. उन्होंने कहा कि जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक मानवता के आधार पर SGPC को संस्थान में कार्यरत डॉक्टरों और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान जारी रखना चाहिए. झींडा ने कहा कि यदि SGPC ने कर्मचारियों के वेतन से हाथ पीछे खींच लिया तो HSGMC इस मामले में गंभीर निर्णय लेगी और संस्थान का संचालन अपने स्तर पर करेगी. कर्मचारियों के वेतन से जुड़े मामले को लेकर कमेटी ने सिख ज्यूडिशरी कमीशन से भी गुहार लगाई है. इस मामले पर कमीशन की सुनवाई के बाद फैसला आने की उम्मीद है.
उन्होंने बताया कि मीरी- पीरी संस्थान के सुचारु संचालन के लिए HSGMC ने हरियाणा सरकार से 100 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता भी मांगी है. कमेटी का कहना है कि इस राशि से संस्थान की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी. फिलहाल, वेतन नहीं मिलने से नाराज संस्थान का स्टाफ धरने पर बैठा हुआ है, जिससे संस्थान का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है.