नई दिल्ली | ओडिशा के आदिवासी बहुल नबरंगपुर जिले के लोगों का वर्षों पुराना रेल का इंतजार अब खत्म होने की ओर है. आजादी के बाद से सीधे रेल नेटवर्क से दूर रहे इस क्षेत्र में जल्द ही ट्रेन की आवाज सुनाई देने की उम्मीद है. जयपोर- नबरंगपुर नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना के निर्माण में तेजी आई है. रेल संपर्क शुरू होने से इलाके में आवागमन के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. कोरापुट जिले के जयपोर से नबरंगपुर के बीच करीब 44.14 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जा रही है.
अभी दोनों शहरों के बीच आने- जाने के लिए मुख्य रूप से सड़क और बस सेवा पर निर्भर रहना पड़ता है. बस से सफर करने में सवा घंटे से ज्यादा समय लग जाता है. रेल सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी कम समय में और ज्यादा सुविधाजनक तरीके से तय की जा सकेगी.
538 करोड़ का नया टेंडर
इसका सीधा लाभ ग्रामीणों, छात्रों और मरीजों को मिलेगा. परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए ईस्ट कोस्ट रेलवे (East Coast Railway) ने हाल ही में 538 करोड़ के नए टेंडर जारी किए हैं. अंबागुड़ा से नबरंगपुर के बीच ब्रॉड गेज रेलवे लाइन के डिजाइन और निर्माण का काम होगा. इसमें रेल ट्रैक के साथ पुल, रोड ओवरब्रिज (ROB), अंडरब्रिज, ट्रैक बैलास्ट और दूसरी जरूरी सुविधाओं का निर्माण शामिल है. इस चरण में रेल लाइन का 100% विद्युतीकरण भी किया जाएगा.
मिलकर उठा रहे खर्च
जयपोर- नबरंगपुर नई रेल लाइन परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 747.91 करोड़ है. परियोजना के लिए भारतीय रेलवे और ओडिशा सरकार संयुक्त रूप से फंड उपलब्ध करा रहे हैं. भूमि अधिग्रहण का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. वहीं निर्माण लागत का 50 फीसदी हिस्सा ओडिशा सरकार और बाकी 50 फीसदी राशि भारतीय रेलवे देगा.
