चंडीगढ़ | हरियाणा में मानसून की रफ्तार भले ही कुछ कमजोर पड़ी हो लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश की नदियों में साफ दिखाई देने लगा है. हिमाचल और आसपास के इलाकों में भारी वर्षा के कारण हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर 50 हजार क्यूसेक से अधिक पहुंच गया है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. मौसम विभाग ने आज पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल में बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुरुक्षेत्र के शाहाबाद क्षेत्र में मारकंडा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कई गांव प्रभावित हुए हैं.

शनिवार सुबह नदी में 14,294 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया, जिससे कठवा, कलसाना, तंगोर और मोहनपुर गांवों के आसपास जलभराव की स्थिति बन गई. सबसे अधिक असर कठवा गांव में देखने को मिला, जहां मुख्य सड़क पानी में डूब गई और आवागमन बाधित हो गया. कई खेतों में भी नदी का पानी भर गया.
हरियाणा मौसम अपडेट
करीब 3 घंटे बाद सुबह 9 बजे जलस्तर घटकर 11,711 क्यूसेक रह गया जिससे स्थिति में कुछ सुधार आया. शाहाबाद से कठवा जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि एक स्कूल बस के टायर तक पानी में डूब गए. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है. उधर, पंचकूला में भी घग्गर, कौशल्या और टांगरी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है.
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए पंचकूला प्रशासन ने पूरे जिले में बीएनएसएस की धारा- 163 लागू कर दी है. यह आदेश 28 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान नदी- नालों के किनारे जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन की अपील
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है. हवाओं के रुख में बदलाव के कारण वातावरण में नमी धीरे-धीरे कम होगी, जिससे दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी और उमस बढ़ने की संभावना है. हालांकि, रात का तापमान फिलहाल सामान्य के आसपास बना रहेगा.
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 2.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, हालांकि यह सामान्य से करीब 2.4 डिग्री कम बना हुआ है. सबसे अधिक अधिकतम तापमान सिरसा में 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज हुई और सबसे कम न्यूनतम तापमान यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी- नालों के पास जाने से बचें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें.