रेवाड़ी | हरियाणा के रेवाड़ी, धारूहेड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) ने गुरुग्राम के सेक्टर- 56 से दिल्ली- जयपुर हाईवे स्थित पंचगांव तक प्रस्तावित 35 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास भेज दी है. करीब 10,428 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मेट्रो कॉरिडोर पर कुल 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं. इसका अंतिम स्टेशन पंचगांव होगा.

पंचगांव तक मेट्रो पहुंचने के बाद लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित धारूहेड़ा और करीब 35 किलोमीटर दूर रेवाड़ी के लोगों को गुरुग्राम और दिल्ली तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी. इससे क्षेत्र के उद्योग, रियल एस्टेट और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की संभावना है.
रेवाड़ी वालों का सफर आसान
वर्तमान में सड़क मार्ग से रेवाड़ी से गुरुग्राम पहुंचने में लगभग दो से ढाई घंटे का समय लगता है जबकि धारूहेड़ा से गुरुग्राम की यात्रा में करीब दो घंटे लग जाते हैं. रेवाड़ी से प्रतिदिन लगभग 10 हजार लोग नौकरी और अन्य कार्यों के लिए दिल्ली और गुरुग्राम आते-जाते हैं. इसके अलावा नारनौल से भी बड़ी संख्या में लोग रोजाना गुरुग्राम में काम करने पहुंचते हैं इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ धारूहेड़ा और बावल के औद्योगिक क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है.
यहां स्थित फैक्ट्रियों में काम करने वाले बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी रोजाना गुरुग्राम और दिल्ली से अप -डाउन करते हैं. पंचगांव में मेट्रो स्टेशन बनने के बाद निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और यात्रा का समय भी घटेगा.
नई मेट्रो का विस्तार
रियल एस्टेट सेक्टर को भी इस परियोजना से नई मजबूती मिलने की संभावना है. रेवाड़ी और धारूहेड़ा में कई बड़े आवासीय प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं. गुरुग्राम की तुलना में यहां किफायती दरों पर बेहतर आवास उपलब्ध हैं. बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने के बाद इन क्षेत्रों में निवेश और आवासीय मांग बढ़ सकती है. धारूहेड़ा से पंचगांव की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है, जिसे वर्तमान में तय करने में करीब एक घंटा लग जाता है. पंचगांव केएमपी एक्सप्रेसवे और दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे का महत्वपूर्ण जंक्शन है. यहां मेट्रो स्टेशन बनने से यह क्षेत्र सीधे हाई- स्पीड पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जुड़ जाएगा.
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की एक और बड़ी विशेषता इसकी इंटरकनेक्टिविटी होगी. यह रूट ग्लोबल सिटी, मानेसर और पंचगांव के पास प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से जुड़ेगा. साथ ही, सेक्टर- 56 पर पहले से संचालित रैपिड मेट्रो से भी इसका सीधा संपर्क होगा. इससे धारूहेड़ा, मानेसर, गुरुग्राम और दिल्ली के बीच एकीकृत मास रैपिड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क तैयार होगा जिससे यात्रियों को बार- बार वाहन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.