एशिया का सबसे बड़ा मसाला बाजार, यहां 20 हजार दुकानों से चलता है करोड़ों का कारोबार

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली के पुराने बाजारों में स्थित खारी बावली सिर्फ राजधानी ही नहीं बल्कि पूरे एशिया का सबसे बड़ा थोक मसाला बाजार माना जाता है. यहां देशभर के व्यापारी और आम ग्राहक बड़ी संख्या में खरीदारी करने पहुंचते हैं. मसालों, ड्राई फ्रूट्स, जड़ी- बूटियों और पूजा सामग्री की विशाल रेंज के कारण यह बाजार दशकों से व्यापार का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक के पास स्थित खारी बावली अपनी सस्ती कीमतों और बेहतर गुणवत्ता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. यहां मसाले, जड़ी- बूटियां, विदेशी मसाले, ड्राई फ्रूट्स, ग्रॉसरी आइटम, चाय, पूजा सामग्री, केमिकल और कलर जैसे उत्पाद भी थोक और फुटकर दोनों में उपलब्ध हैं.

Masala Market

फेडरेशन ऑफ ट्रेड एसोसिएशन दिल्ली के अजय अरोड़ा के अनुसार, यहां से कई देशों में मसाले और चावल का निर्यात भी किया जाता है. बाजार में मिलने वाली गुणवत्ता और कीमत की वजह से आम ग्राहक भी बड़ी मात्रा में खरीदारी करते हैं.

एशिया का सबसे बड़ा मसाला बाजार

कई बार लोग 1- 2 किलो सामान लेने आते हैं लेकिन सस्ते दाम मिलने पर 10- 10 किलो तक खरीदकर ले जाते हैं. व्यापारी संजय खन्ना बताते हैं कि खारी बावली में करीब 20 हजार से अधिक दुकानें हैं. यह मुख्य रूप से थोक बाजार है लेकिन फुटकर ग्राहकों के लिए भी खरीदारी फायदेमंद रहती है. उनका कहना है कि यहां सामान दिल्ली के अन्य बाजारों और सोसायटी की दुकानों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत तक सस्ता मिलता है.

करोड़ों का कारोबार

खारी बावली नाम भी अपने इतिहास से जुड़ा है. ‘खारी’ और ‘बावली’ दो शब्दों से मिलकर बना यह नाम उस बावली की याद दिलाता है, जिसके पानी का स्वाद नमकीन बताया जाता है. आज उस बावली का कोई अस्तित्व नहीं है. इस बाजार की शुरुआत शेरशाह सूरी के पुत्र इस्लाम शाह के शासनकाल में हुई थी. इतिहासकारों के अनुसार, 17वीं शताब्दी में मुगल काल के दौरान यह बाजार व्यापार का बड़ा केंद्र बन गया था. उस समय अफगानिस्तान, भूटान, पाकिस्तान समेत कई क्षेत्रों के व्यापारी यहां मसाले खरीदने आते थे. इसी वजह से खारी बावली को लंबे समय से एशिया के सबसे बड़े थोक मसाला बाजार के रूप में पहचान मिली हुई है.

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लोगों की पहली पसंद

इतिहासकार स्वपना लिडले ने अपनी पुस्तक ‘चांदनी चौक: द मुगल सिटी ऑफ ओल्ड दिल्ली’ में खारी बावली को ड्राई फ्रूट्स और मसालों का प्रमुख बाजार बताया है. वहीं, लेखिका लूसी पेक ने अपनी पुस्तक ‘दिल्ली: ए थाउजेंड ईयर्स ऑफ बिल्डिंग’ में इसे पुराने दिल्ली के सबसे आकर्षक व्यापारिक केंद्रों में शामिल किया है. आज भी यह बाजार अपने इतिहास, कारोबार और सस्ती खरीदारी के लिए लोगों की पहली पसंद बना हुआ है.

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Sanjukta Pandit
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