अंबाला | दशहरे पर दिल्ली, पंचकूला और देहरादून में इस बार विशालकाय रावण के पुतले आकर्षण का केंद्र बनने वाले हैं. इन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी अंबाला के बराड़ा ब्लॉक के तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम ने संभाली है. चौहान इससे पहले बेहद ऊंचे रावण के पुतले तैयार कर रिकॉर्ड बना चुके हैं. तीनों शहरों में करीब साढ़े तीन महीने से निर्माण का काम चल रहा है.
दिल्ली और पंचकूला में रावण के पुतलों की ऊंचाई 221 फीट रखी गई है. वहीं, देहरादून में 181 फीट ऊंचा रावण बनाया जा रहा है. स्थानीय रामलीला कमेटियों की ओर से तीनों पुतलों पर कुल करीब 1.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.
लोहे से होंगे तैयार
विशाल आकार के कारण इन पुतलों को मजबूत बनाने के लिए बड़ी मात्रा में लोहे का इस्तेमाल किया जा रहा है. तीनों को मिलाकर करीब 20.5 टन लोहा लगेगा. दिल्ली और पंचकूला के 221 फीट ऊंचे पुतलों में सात-सात टन लोहा इस्तेमाल किया जा रहा है.
देहरादून के 181 फीट के रावण में करीब 6.5 टन लोहे की जरूरत होगी. प्रत्येक पुतले में करीब दो लाख रुपये की ईको फ्रेंडली आतिशबाजी लगाए जाने की भी तैयारी है.
120 कारीगर कर रहे तैयार
इन पुतलों के निर्माण में अंबाला के बराड़ा के कारीगर जुटे हैं. एक रावण को तैयार करने के लिए करीब 40 कारीगरों की टीम काम कर रही है. इस हिसाब से तीनों शहरों में कुल 120 कारीगर निर्माण में लगे हैं. इतने विशाल पुतले को एक साथ तैयार करना संभव नहीं होता. इसलिए मुकुट, चेहरा, गर्दन, धड़ और पैरों सहित अलग-अलग हिस्से पहले तैयार किए जाते हैं. इसके बाद इन्हें आपस में जोड़कर क्रेन की मदद से खड़ा किया जाता है.
58 फीट का मुकुट
221 फीट ऊंचे रावण की बनावट भी अपने आप में खास होगी. इसके सिर पर 58 फीट ऊंचा मुकुट होगा. चेहरे की ऊंचाई 25 फीट और गर्दन की 8 फीट रखी गई है. धड़ 90 फीट और पैर 40 फीट के होंगे. इसके जूतों की ऊंचाई 10 फीट और लंबाई 40 फीट होगी. हाथ में दिखाई देने वाली तलवार अकेले 50 फीट लंबी तैयार की जा रही है.
| हिस्सा | 221 फीट रावण | 181 फीट रावण |
|---|---|---|
| मुकुट | 58 फीट | 45 फीट |
| चेहरा | 25 फीट | 20 फीट |
| गर्दन | 8 फीट | 6 फीट |
| धड़ | 90 फीट | 80 फीट |
| पैर | 40 फीट | 32 फीट |
| जूते की ऊंचाई | 10 फीट | 6 फीट |
| जूते की लंबाई | 40 फीट | 36 फीट |
| तलवार | 50 फीट | 35 फीट |
