यमुनानगर | हरियाणा की बेटियां खेलों में लगातार अपनी पहचान बना रही हैं। कोई कुश्ती में नाम कमा रही है तो कोई दौड़ के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखा रही है। खास बात यह है कि अब छोटी उम्र की बच्चियां भी खेलों में बड़े सपने लेकर आगे बढ़ रही हैं। ऐसी ही एक बेटी यमुनानगर की है, जिसकी उम्र महज 10 साल है, लेकिन मेहनत और अनुशासन देखकर बड़े खिलाड़ी भी हैरान रह जाएं। इस बच्ची का सपना एक दिन ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है।

जगाधरी के केसरनगर में रहने वाली हरनूर तोमर ने महज तीन साल में 215 पुरस्कार अपने नाम किए हैं। इनमें 90 ट्रॉफी और 125 मेडल शामिल हैं। हरनूर अब तक 15 राष्ट्रीय और 50 से अधिक राज्य स्तरीय पुरस्कार हासिल कर चुकी हैं।
सुबह 3:30 बजे शुरू होता दिन
वह रोजाना सुबह साढ़े तीन बजे उठकर खेल की तैयारी करती हैं और चार बजे तेजली स्टेडियम में अभ्यास शुरू कर देती हैं। हरनूर की दिनचर्या दूसरी बच्चियों से काफी अलग है। जिस समय ज्यादातर बच्चे सो रहे होते हैं, उस समय वह मैदान में दौड़ लगाने पहुंच जाती हैं। सुबह 4 बजे से साढ़े सात बजे तक अभ्यास करने के बाद वह घर लौटती हैं और फिर स्कूल के लिए तैयार होती हैं।
पांचवीं कक्षा की छात्रा
हरनूर सेक्टर-18 स्थित लोटस वैली स्कूल में पांचवीं कक्षा की छात्रा हैं। खेल के प्रति उनकी मेहनत को देखते हुए स्कूल ने भी उन्हें 15 से 20 मिनट देरी से पहुंचने की छूट दी हुई है। दोपहर करीब ढाई बजे स्कूल से लौटने के बाद वह चार बजे ट्यूशन जाती हैं। इसके बाद शाम छह से आठ बजे तक जिम्नास्टिक का अभ्यास करती हैं। इस तरह पढ़ाई और खेल दोनों को समय देना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।
तीन साल में जीत चुकी 215 पुरस्कार
हरनूर ने कम उम्र में ही कई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाई है। उनके नाम अब तक 90 ट्रॉफी और 125 मेडल हैं। इनमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में मिले पुरस्कार भी शामिल हैं। इसी बीच नौ अक्टूबर को तेजली स्टेडियम में आयोजित मैराथन में भी हरनूर ने शानदार प्रदर्शन किया।