पलवल | शादी-ब्याह में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची को रोकने के लिए पलवल के वैश्य अग्रवाल समाज ने कई अहम फैसले लिए हैं। अब समाज में शादी से पहले लड़का-लड़की के साथ घूमने और प्री-वेडिंग शूट कराने पर रोक रहेगी। शादी समारोह में डीजे और शराब की स्टॉल भी नहीं लगेगी। इसके अलावा मृत्यु भोज जैसी परंपरा को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है।

रविवार देर शाम सामाजिक कुरीतियों और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के लिए समाज की महापंचायत आयोजित की गई। इसमें पलवल के अलावा फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली से भी लोग पहुंचे। महापंचायत में कुल 8 फैसले लिए गए। इसका नेतृत्व मंच के संयोजक एवं पूर्व पार्षद बलराम गुप्ता ने किया।
शादी से पहले प्री-वेडिंग शूट पर रोक
महापंचायत में तय किया गया कि शादी से पहले लड़का-लड़की साथ घूमने और प्री-वेडिंग फोटोशूट नहीं कराएंगे। शादी समारोह में तेज आवाज में डीजे नहीं बजेगा। बैंक्वेट हॉल में संगीत भी सरकारी ध्वनि सीमा के अनुसार ही बजाया जाएगा। महंगे निमंत्रण कार्ड, मिठाई और गिफ्ट भेजने के बजाय वॉट्सऐप मैसेज और फोन कॉल से निमंत्रण देने को बढ़ावा मिलेगा। दोनों पक्षों को मिलाकर मेहमानों की संख्या 300 से 400 तक सीमित रखी जाएगी।
शराब की स्टॉल और मृत्यु भोज बंद
शादी समारोह में खुलेआम शराब की स्टॉल लगाने पर रोक रहेगी। खाने की बर्बादी रोकने के लिए व्यंजनों की संख्या 21 से 31 तक सीमित रखने का फैसला हुआ। वहीं, रात के बजाय दिन में फेरे और शादी कराने को बढ़ावा दिया जाएगा।
मृत्यु भोज पूरी तरह बंद करने के साथ दाह संस्कार के दौरान अर्थी पर चादरें चढ़ाने की संख्या भी कम की जाएगी। शोक जताने आने वाले लोग चादर के बजाय गोला, घी, कपूर या अन्य जरूरी सामग्री लेकर आएंगे, ताकि परिवार को मदद मिल सके।
किन्नर समाज के लिए रकम तय
महापंचायत में तय हुआ कि शादी-विवाह और बच्चे के जन्म पर किन्नर समाज को अधिकतम 5100 रुपये शगुन दिया जाएगा। वहीं, होली-दिवाली जैसे त्योहारों पर बाजार में शगुन की रकम अधिकतम 500 रुपये रहेगी।