हिसार | कुश्ती के अखाड़े में जीत हासिल करने के लिए सिर्फ ताकत ही नहीं, बल्कि हौसले और लगातार मेहनत की भी जरूरत होती है। हरियाणा की बेटियां इस खेल में लगातार अपनी पहचान बना रही हैं। हिसार की 20 वर्षीय पहलवान तनु शर्मा ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। बता दें कि गांव भकलाना की रहने वाली तनु ने स्लोवाकिया में आयोजित अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था।

कजाकिस्तान में सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया। हाल ही में सीनियर नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में भी उन्होंने कांस्य पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और नाम जोड़ लिया।
11 साल की उम्र में कुश्ती शुरू
तनु ने बताया कि उन्होंने महज 11 साल की उम्र में कुश्ती खेलना शुरू कर दिया था। उनकी शुरुआत सिसाय की स्पोर्ट्स एकेडमी से हुई थी। उनके चाचा नरेंद्र भी खिलाड़ी रहे हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर तनु ने कुश्ती को अपना करियर बनाने का फैसला किया। फिलहाल, वह साई सेंटर में कोच राजेश नांदल के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रही हैं। उनके पिता वीरेंद्र शास्त्री सरकारी स्कूल पुठ्ठी समैण में संस्कृत के शिक्षक हैं और मां सुमनलता गृहिणी हैं।
खिलाड़ी के लिए चोट के बाद मैदान पर वापसी करना आसान नहीं होता। तनु को अंडर-23 कुश्ती चैंपियनशिप के ट्रायल के दौरान कंधे में चोट लग गई थी। इसके बावजूद उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा। चोट से उबरने के लिए फिजियोथेरेपी करवाई और लगातार मेहनत जारी रखी।
गोल्ड जीतने का सपना
तनु की बड़ी बहन प्रियंका ने बताया कि उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों से पूरा परिवार बेहद खुश है। कजाकिस्तान से पदक जीतकर लौटने पर परिवार ने एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया था। वहीं, तनु का कहना है कि परिवार का प्यार उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता है। उनका असली सपना एशियन और ओलिंपिक खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। मां सुमनलता भी बेटी की उपलब्धियों को अपने अधूरे खेल सपने के पूरा होने जैसा मानती हैं।