अब हरियाणा में भी बनेगा लव जेहाद कानून, अगले सत्र में पेश करने की तैयारी

चंडीगढ़ । आखिरकार देरी से ही सही लेकिन हरियाणा में भी लव जेहाद की घटनाओं को देखते हुए खट्टर सरकार जल्द ही कानून बनाने की तैयारी में है. यह बात अलग है कि इसके लिए गठित कमेटी काफी पहले ही इसके लिए ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री आफिस को सौंप चुकी थी. लेकिन कईं कारणों से इसको बजट व पिछले दिनों हुए मानसून सत्र में भी नहीं लाया गया. अब मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी विचार मंथन के बाद में इसके लिए हां, कर दी है. 

cm anil vij

साथ ही उन्होंने इस दिशा में जल्द ही ठोस कदम उठाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने जरूरत के मुताबिक इसे विधानसभा सत्र अथवा आर्डिनेंस बनाने की बात कही है. यहां पर उल्लेखनीय है कि हरियाणा में लव जेहाद को लेकर कानून बनाने पर मनोहरलाल सरकार पार्ट वन से ही मंथन चल रहा है. लेकिन इस बार गठबंधन की सरकार में भी इसके लिए दो साल से मंथन चल रहा था. इस क्रम में गृह मंत्री अनिल विज ने विधिवत कमेटी तक का गठन कर दिया था. जिसके साथ ही प्रदेश के पड़ोसी राज्यों जहां पर पहले से ही यह कानून बनाया गया है, वहां यूपी, हिमाचल और सभी राज्यों के ड्राफ्ट मंगा लिए गए थे.

इतना ही नहीं गठित कमेटी ने इस दिशा में तेजी से काम करते हुए ड्राफ्ट तैयार कर गृहमंत्री की मुहर लगवा ली थी. जिसके साथ ही इसे सीएमओ में भेज दिया गया था. गत दिवस चंडीगढ़ प्रेस क्लब में मीडिया से खुलकर बातचीत कर रहे सीएम ने पूछने पर साफ कर दिया कि इस तरह की घटनाओं की अधिकता के कारण ही कानून बनाने की जरूरत पड़़ी है. इस दिशा में हम गंभीरता से काम कर रहे हैं, जैसे भी जरूरत होगी सत्र बुलाकर अथवा आर्डिनेंस भी लाया जा सकता है. 

उन्होंने स्वीकार किया कि इस दिशा में अधिकांश कामकाज हो चुका है. सबसे पहले यूपी सरकार ने उठाया कदम यूपी में योगी सरकार द्वारा लव जेहाद के मामलों पर रोक लगाए जाने को लेकर बनाए कानून के बाद में हरियाणा सरकार भी कानून बनाने की दिशा में दो साल पहले कदम उठाने का फैसला लिया था. गृह मंत्री विज ने कानून के लिए कमेटी का गठन करते हुए कमेटी को इस दिशा में अध्ययन के लिए कहा था. कमेटी अपना काम आठ से दस माह पहले ही समाप्त कर गृहमंत्री को ड्राफ्ट सौंप चुकी है. कानून के लिए गठित की गई कमेटी में वरिष्ठ आईएएस और सचिव होम विभाग TL सत्यप्रकाश, एडीजीपी कानून व्यवस्था नवदीप विर्क के साथ दीपक मनचंदा एडीशनल एडवोकेट शामिल थे. 

कमेटी पड़ोसी राज्य यूपी, हिमाचल के साथ-साथ एमपी के कानून का अध्ययन करने के बाद में राज्य के लिए ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को दे चुकी है. गृहमंत्री अनिल विज का कहना है कि हम अपना काम समाप्त कर सीएम को सौंप चुके हैं, अब उन्होंने इस पर फैसला लेना है.

निकिता हत्याकांड के बाद सीएम और गृहमंत्री गंभीर 

फरीदाबाद में निकिता की हत्या के बाद से सूबे के मुख्यमंत्री मनोहरलाल और गृहमंत्री अनिल विज ने पूरे मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का आश्वासन दिया था, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा हो सके. इतना ही नहीं यूपी, हिमाचल और एमपी की तर्ज पर कानून बनाने के संकेत दिए थे. विज ने दोहराया है कि राज्य में बेटियों को साजिश का शिकार नहीं होने देंगे. बेटियों को एक साजिश के तहत जाल में फंसाने, उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराने नहीं मानने पर हत्या कर देने जैसे मामलों को हरियाणा के अंदर किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा. 

गौरतलब है मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी विचार मंथन के बाद में इसके लिए हां, कर दी है. साथ ही उन्होंने इस दिशा में जल्द ही ठोस कदम उठाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने जरूरत के मुताबिक इसे विधानसभा सत्र अथवा आर्डिनेंस बनाने की बात कही है. 

Avatar of Ajay Raj
Ajay Raj
View all posts