पंचकूला | बरसात के दिनों में सड़कों पर पानी भरना, घरों के बेसमेंट में जलभराव होना और सड़कें धंसना पंचकूला के कई इलाकों में परेशानी बढ़ा देता है। बता दें कि पुरानी सीवर लाइनों के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है, जिससे लोगों को हर मानसून में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब इन समस्याओं से राहत दिलाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है।

पंचकूला में सीवरेज और बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 120 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की संयुक्त पहल के तहत लगभग 207 किलोमीटर लंबे नेटवर्क को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करने की योजना है।
मजबूत होंगी सड़कें
शहर के कई हिस्सों में पुरानी ईंटों से बनी नालियों और सीवर लाइनों को बेहतर बनाया जाएगा। सेक्टर-6, 7, 8, 10 और 12 समेत विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों के नीचे आरसीसी लाइनिंग करने का प्रस्ताव है। इससे मिट्टी का कटाव और सड़क धंसने का खतरा कम करने के साथ बार-बार मरम्मत की जरूरत भी घट सकती है।
योजना में मुख्य सड़कों के किनारे 1200 से 1800 मिलीमीटर व्यास की बड़ी आरसीसी ड्रंक सीवर लाइनें बिछाने का प्रस्ताव है। इसके साथ सॉलिड वेस्ट ट्रैप लगाए जाएंगे, ताकि प्लास्टिक और ठोस कचरा सीवर में न पहुंचे। संवेदनशील इलाकों में वाटर-लेवल सेंसर से पानी बढ़ने पर अलर्ट मिल सकेगा। रिचार्ज वेल के जरिए बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर सुधारने पर भी जोर रहेगा।
इंडस्ट्रियल एरिया तक होंगे काम
सेक्टर-19 के रेलवे अंडरपास के पास 100 एचपी क्षमता का ऑटोमैटिक पंपिंग स्टेशन बनाने की योजना है। सेक्टर-1 और 2 की डिवाइडिंग रोड पर क्रॉस-कल्वर्ट बनाया जाएगा। सेक्टर-12 और 14 के बैक-बॉक्स क्षेत्रों में पाइपलाइन संबंधी काम होंगे। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में मलबे व सिल्ट को रोकने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, माता मनसा देवी कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में सुखना चौक तक ग्रेविटी ड्रेन लाइन का विस्तार प्रस्तावित है।