पानीपत | बड़े धार्मिक आयोजनों में लाखों लोगों के खाने-पीने (लंगर) का इंतजाम करना आसान काम नहीं होता। इसके लिए दिन-रात मेहनत और पूरी योजना के साथ काम करना पड़ता है। पानीपत में चल रहे संत निरंकारी समागम में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है, जहां हजारों सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं। बता दें कि समागम स्थल पर रोजाना करीब 6 लाख श्रद्धालुओं के लिए लंगर तैयार किया जा रहा है।

भोजन बनाने से लेकर परोसने और बर्तनों की सफाई तक की जिम्मेदारी सेवादार पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए साफ-सफाई और व्यवस्था का खास ध्यान रखा जा रहा है।
ऐसे हो रही व्यवस्था
लंगर की व्यवस्था को बेहतर तरीके से चलाने के लिए पूरे समागम स्थल को ए, बी, सी और डी नाम के चार ब्लॉक में बांटा गया है। इन चारों ब्लॉक में करीब 20 हजार सेवादार सेवाएं दे रहे हैं। इनमें लगभग 6 हजार महिलाएं भी शामिल हैं। सभी की ड्यूटी पहले से तय है। कोई रोटियां बना रहा है, तो कोई सब्जी तैयार करने, बर्तन साफ करने और श्रद्धालुओं को भोजन परोसने में लगा है।
इतने बड़े स्तर पर लंगर तैयार करने के लिए हर ब्लॉक में 12 बड़े और 10 छोटे कढ़ाए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। चारों ब्लॉक में कुल 48 बड़े और 40 छोटे कढ़ाए लगातार चूल्हों पर चढ़े रहते हैं। 1 ब्लॉक में रोजाना करीब 340 क्विंटल राशन की खपत हो रही है। शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर राशन की जरूरत भी बढ़ जाती है।
इन चीजों का इस्तेमाल
लंगर में रोजाना करीब 100 क्विंटल आटा, 100 क्विंटल चावल, 80 क्विंटल हरी सब्जियां, 50 क्विंटल दालें और 4 क्विंटल घी इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए भोजन का मेन्यू भी तय किया गया है। शुक्रवार को आलू के पराठे, शनिवार को आलू की पूरी और रविवार व सोमवार को भाजी-रोटी परोसी जाएगी। भोजन की व्यवस्था के लिए बनाए गए एक लंगर हॉल में एक साथ 6 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता है। ऐसे में हजारों सेवादार मिलकर लाखों लोगों तक भोजन पहुंचाने का काम कर रहे हैं।