नई दिल्ली | ट्रेन में लंबा सफर करना कई लोगों को पसंद होता है। खिड़की के बाहर बदलते नजारे, खेत-खलिहान, पहाड़ और अलग-अलग शहरों की रौनक यात्रा को यादगार बना देते हैं लेकिन सोचिए, अगर एक ही ट्रेन में बैठकर तीन दिन से ज्यादा सफर करना हो और इस दौरान देश के कई राज्यों को देखने का मौका मिले, तो अनुभव कितना खास होगा। बता दें कि विवेक एक्सप्रेस भारत की सबसे लंबी रेल यात्राओं में शामिल है।

यह ट्रेन असम के डिब्रूगढ़ से तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक जाती है। इसका सफर करीब 4,200 किलोमीटर का है और यात्रा पूरी करने में लगभग 74 घंटे लगते हैं। लंबी दूरी के कारण यात्रियों को देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, खानपान और रहन-सहन देखने का मौका मिलता है।
7 राज्यों से गुजरती है विवेक एक्सप्रेस
इस ट्रेन का रूट असम, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल सहित कई राज्यों से होकर गुजरता है। रास्ते में गुवाहाटी, अलीपुरद्वार, मालदा, आसनसोल, खड़गपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, कोयंबटूर और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख स्टेशन आते हैं। करीब 59 स्टेशनों पर ठहराव के चलते यात्रियों को अलग-अलग क्षेत्रों की झलक देखने को मिलती है।
स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखा
विवेक एक्सप्रेस का नाम महान विचारक और आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद के सम्मान में रखा गया है। इस ट्रेन की घोषणा 2011-12 के रेल बजट में की गई थी। इसकी शुरुआत स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती से भी जुड़ी रही है। इतनी लंबी यात्रा में खूबसूरत नजारों के साथ थकान, भीड़ और आराम से जुड़ी चुनौतियां भी हो सकती हैं। ऐसे में टिकट बुक करने से पहले ट्रेन का समय, कोच की उपलब्धता और यात्रा की अवधि जांचना जरूरी है। अगर आपको लंबी रेल यात्रा पसंद है, तो विवेक एक्सप्रेस भारत को करीब से देखने का एक अनोखा मौका दे सकती है।