हिसार | हरियाणा में खरीफ की फसलों के बाद अब किसान सरसों की बिजाई की तैयारी में लगने वाले हैं. खेती में अच्छी पैदावार के लिए सही समय के साथ बीज की सही किस्म चुनना भी काफी जरूरी होता है. इसी बीच सरसों की बिजाई से पहले किसानों के लिए एक काम की खबर सामने आई है. हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) की सरसों की तीन नई किस्मों को बिजाई के लिए मंजूरी मिल गई है.
बता दें कि कृषि विभाग ने HAU की RH-1975, RH-1706 और RH-1424 किस्म को अनुमोदित किया है. इन किस्मों को दो साल तक ट्रायल में देखने के बाद मंजूरी मिली है. इसके साथ ही अनुमोदित सरसों किस्मों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है.
139 से 143 दिन में तैयार होगी फसल
अब बात इन तीनों किस्मों की खासियत की करें तो इन्हें तैयार होने में करीब 139 से 143 दिन लगते हैं. इनकी औसत पैदावार 26 से 28 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है. RH-1975 को ज्यादा उत्पादन के लिए तैयार किया गया है. वहीं, RH-1706 की खासियत इसके तेल की गुणवत्ता है. इसमें इरूसिक अम्ल कम बताया गया है. RH-1424 को खासतौर पर बारानी इलाकों के लिए अनुकूल बताया गया है. इन नई किस्मों में तेल की मात्रा भी ज्यादा है. RH-1424 में तेल की मात्रा 40.5 प्रतिशत तक बताई गई है, जबकि सामान्य किस्मों में यह करीब 35 से 36 प्रतिशत तक रहती है. तीनों किस्मों के दाने भी मोटे बताए गए हैं.
| किस्म | पकने का समय | औसत पैदावार (क्विंटल/हेक्टेयर) | तेल की मात्रा | खासियत |
|---|---|---|---|---|
| आरएच-1975 | 140-143 दिन | 26-28 | करीब 39.3% | ज्यादा उत्पादन |
| आरएच-1706 | 140 दिन | 27 | 38% | इरूसिक अम्ल 2% से कम |
| आरएच-1424 | 139 दिन | 26 | 40.5% तक | बारानी फसल, मोटा दाना |
बिजाई के समय तापमान बना चुनौती
सरसों की बिजाई के लिए अनुकूल समय 5 अक्टूबर से शुरू माना गया है, लेकिन इस बार किसानों के सामने मौसम की चुनौती भी है. सरसों की बिजाई के समय औसत तापमान करीब 27 से 28 डिग्री होना चाहिए, जबकि फिलहाल तापमान 32 डिग्री से ऊपर चल रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक, ज्यादा तापमान रहने से बीज के अंकुरण पर असर पड़ सकता है. ऐसे में किसान केवल नई किस्म देखकर जल्दबाजी में बिजाई करने के बजाय अपने क्षेत्र की स्थिति को भी ध्यान में रखें.
खेत के हिसाब से चुनें सरसों की किस्म
सिंचित क्षेत्र में अगेती बिजाई के लिए RH-1975 और RH-1706 समेत कई किस्मों को अनुकूल बताया गया है. वहीं, असिंचित इलाकों के लिए RH-1424 भी विकल्पों में शामिल है. ऐसे में बिजाई से पहले किसान अपने इलाके की मिट्टी, पानी की उपलब्धता और बिजाई के समय को देखते हुए किस्म का चुनाव करें. जरूरत पड़ने पर अपने ब्लॉक के कृषि कार्यालय से भी किस्म से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है.
