NCR के 14 जिलों में ई- कॉमर्स कंपनियों की बढ़ेगी मुश्किलें, 1 जनवरी से इन वाहनों का नहीं कर पाएंगे इस्तेमाल

चंडीगढ़ | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल हरियाणा के 14 जिलों में सूबे की नायब सैनी सरकार ने कमर्शियल वर्क के लिए संचालित पेट्रोल- डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारियां शुरू कर दी है. इसके लिए संबंधित कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों को हिदायत दी गई है कि 1 जनवरी 2026 से वे अपने बेड़े में केवल इलेक्ट्रिक, CNG या हाईब्रिड ऑटो रिक्शा को ही शामिल करें.

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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देश संख्या 94 के तहत अब मोटर कैब, टैक्सी, डिलीवरी, सर्विस प्रोवाइडर और ई- कॉमर्स कंपनियों के वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक, CNG या हाईब्रिड ऑटो रिक्शा में परिवर्तित करना अनिवार्य होगा.

ई- कॉमर्स कंपनियों की बढ़ेगी मुश्किलें

CAQM के इस निर्देश से Zomato, Flipkart, Amazon, Swiggy, Blinkit जैसी प्रमुख कंपनियां सीधी प्रभावित होगी और हजारों डिलीवरी पार्टनर्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि उन्हें अपने वाहन CNG या इलेक्ट्रिक में बदलने होंगे.

क्या हैं नया नियम?

सभी मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स, ई- कॉमर्स कंपनियों और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स अब अपने बेड़े में केवल इलेक्ट्रिक थ्री- व्हीलर (ऑटो- रिक्शा) और CNG वाहन ही शामिल करना होगा. पारंपरिक पेट्रोल व डीजल संचालित कोई भी नए टू- व्हीलर और फोर व्हीलर LGV (N1 श्रेणी- साढ़े 3 टन तक) को बेड़े में शामिल करने पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है. इस बदलाव को लागू करने के लिए हरियाणा मोटर व्हीकल अधिनियम, 1993 के नियम 86- A में संशोधन किया गया है.

किसी व्यक्ति को यदि इन नए नियमों से आपत्ति है या सुझाव देना चाहता है, तो वह राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 7 दिनों के भीतर अपनी राय दर्ज करा सकते हैं. परिवहन विभाग द्वारा उसपर विचार किया जाएगा.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.