चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वीरवार को चंडीगढ़ में ऊर्जा, स्वास्थ्य, राजस्व, आबकारी एवं कराधान, सहकारिता, विकास एवं पंचायत, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा बागवानी विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ बजट में की गई घोषणाओं को लेकर समीक्षा बैठक बुलाई थी जिसमें उन्होंने निर्देश दिए कि बजट में की गई प्रत्येक घोषणा की जानकारी ग्राम स्तर तक पहुंचे. इसके लिए ग्राम सभाओं की बैठकों में इन पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किए जाएं तथा इसकी सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए.

हरियाणा में किसानों के लिए अच्छी खबर
इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने बताया कि राज्य में अब प्राकृतिक आपदा से फलों की फसल खराब होने पर मुआवजा 40 हजार रुपए की बजाय 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मिलेगा. वहीं, सब्जियों एवं मसालों के लिए मुआवजा राशि 30 हजार रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है.
हरियाणा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 20,82,596 किसानों को लाभ पहुंचाया गया है, वहीं 7,33,083 किसानों को किसान आईडी जारी कर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य किया गया है।
प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। pic.twitter.com/DsKNtVKdqE
— CMO Haryana (@cmohry) April 2, 2026
बैठक में अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के अंतर्गत 46 प्रकार के फल, सब्जी और मसाले की फसलें शामिल हैं, जिसमें किसानों को मात्र 2.5% प्रीमियम का भुगतान करना होता है जबकि शेष राशि सरकार द्वारा वहन की जाती है.
किसानों के हितों को प्राथमिकता
सीएम ने कहा कि राज्य के सभी 775 किसान उत्पादक संगठनों की बैठक बुलाई जाए जिसमें वे स्वयं भी भाग लेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप किसानों को समूह के रूप में संगठित होकर कार्य करना चाहिए जिससे उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके. सरकार ने देशभर में 10 हजार FPO स्थापित करने का लक्ष्य रखा है जिसके तहत हरियाणा को 172 FPO स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है.