फरीदाबाद । फरीदाबाद और गुड़गाँव दो बड़ी औधोगिक कंपनियों के बीच मेट्रो का सपना 2025 तक पूरा हो जायेगा. इस काम को शुरू करने के प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर काल खट्टर ने 2015 में सबसे पहले इस बड़ी परियोजना की घोषणा की थी. अब पांच साल बाद इस परियोजना का डीपीआर तैयार किया जा चुका है.
पैसेंजर पर ऑवर पर डायरेक्शन ट्रैफिक की रिपोर्ट के अनुसार फरीदाबाद – गुड़गाँव के बीच रोजाना हर घंटे का एक तरफ का पैसेंजर लोड 8304 साल 2025 तक के लिए अनुमानित किया गया है. इसके अलावा पूरेदिन का पैसेंजर मूवमेंट 1 लाख 24 हजार 769 होगा . यह पैसेंजर लोड साल 2031 के लिए होगा और 2041 तक 12 , 553 पैसेंजर प्रति घंटे #PHPDT# के द्वारा अनुमानित किया गया है. इन सबको डीपीआर में शामिल करके फ़ाइनल लेआउट तैयार कर लिया गया है. इस नए डीपीआर में काफी बड़े बदलाव किये गए हैं.
यह नई डीपीआर पुरानी डीपीआर से काफी अलग है साथ ही इस डीपीआर को लॉक डाउन से पहले साल 2020 में अंतिम रूप दिया गया था, लेकिन दोबारा हुए बदलाव और ट्रैफिक लोड को देखते हुए कुछ और बदलाव करके अंतिम डीपीआर तैयार किया गया है. इस डीपीआर में मेट्रो रेल लाइन के लिए ट्रैफिक को देखते हुए पहले तीन रुट तय किये गए थे, लेकिन अब जो तीसरी रुट थी उसे फाइनल किया गया है. इस रुट में 8 मेट्रो स्टेशन होंगे जिसमे से 6 एलिवेटेड लाइन डाली जाएँगी और 2 अंडरग्राउंड होंगी. बाटा चौक से गोल्फ कोर्स तक दो लाइनें अंडरग्राउंड होंगी.
मेट्रो लाइन की लम्बाई 30.38 रहेगी इसमें कोई बदलाव नहीं होगा . लेकिन मेट्रो की लागत में अंतर आ गया है जहां 2017 में डीपीआर में 5900 करोड़ की लागत थी वही अब बढ़कर वो 6900 करोड़ की हो गई है . नयी डीपीआर के अनुसार फरीदाबाद – गुड़गाँव मेट्रो लाइन का काम 2025 तक पूरा हो जाएगा.
