हिसार | सरकारी अफसर बनने का सपना लेकर हर साल हरियाणा के हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। कोई कोचिंग का सहारा लेता है तो कोई घर पर रहकर पढ़ाई करता है। हालांकि, इन परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए सही तैयारी के साथ लगातार मेहनत करना भी जरूरी होता है। हिसार जिले के चिड़ोद गांव के रहने वाले कुलदीप श्योराण ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। किसान परिवार से आने वाले कुलदीप ने हरियाणा सिविल सर्विस (HCS) परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।

कुलदीप श्योराण को यह सफलता 3 साल की लगातार तैयारी के बाद मिली है। उन्होंने पढ़ाई के लिए रोजाना 6 घंटे का समय तय किया था। वह मानसिक एकाग्रता बनाए रखने के लिए हर दिन 1 घंटा मेडिटेशन भी करते थे। किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए नियमित मेहनत और खुद के प्रति जवाबदेही बहुत जरूरी है।
गुजरात से की LLB
कुलदीप श्योराण ने अपनी शुरुआती पढ़ाई हिसार के ओपी जिंदल स्कूल से की थी। यहां से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह आगे की शिक्षा के लिए गुजरात चले गए। गुजरात से उन्होंने एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी शुरू की और करीब तीन वर्षों तक अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
रोजाना 6 घंटे पढ़ाई
कुलदीप ने अपनी तैयारी के दौरान केवल पढ़ाई के घंटों को बढ़ाने पर जोर नहीं दिया। उन्होंने एक नियमित दिनचर्या बनाई और उसी के अनुसार तैयारी जारी रखी। वह हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) की लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई करते थे। इसके अलावा घर पहुंचने के बाद ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी तैयारी को आगे बढ़ाते थे।
कुलदीप प्रतिदिन करीब 6 घंटे पढ़ाई करते थे। वहीं, एक घंटा मेडिटेशन के लिए निकालते थे।
पिता करते हैं खेती
कुलदीप एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता राजेंद्र श्योराण खेती करते हैं, जबकि मां निर्मला गृहिणी हैं। कुलदीप ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिवार के सहयोग को दिया है। उनके अनुसार, तैयारी के दौरान परिवार ने उनका लगातार साथ दिया, जिससे वह बिना लक्ष्य से भटके अपनी पढ़ाई जारी रख सके। 3 साल की मेहनत के बाद मिली इस सफलता ने उनके परिवार के साथ पूरे गांव को खुशी का मौका दिया है।